Bihar Board 12th Topper Story: पिता फुटपाथ पर घड़ी बनाते, खुद मेडिकल शॉप में करता काम… इंटर स्टेट टॉपर लक्की अंसारी की कहानी रुला देगी
TV9 Bharatvarsh March 24, 2026 02:43 AM

हौसला बुलंद हो तो गरीबी भी पढ़ाई के आगे हार मान लेती है. ऐसी ही कुछ बिहार के पूर्णिया जिले से सामने आया है, जहां के लाल लक्की अंसारी ने बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा (आर्ट्स) में पूरे बिहार में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर दिया है. लक्की को 500 में से 478 अंक (95.60 प्रतिशत) मिले हैं.

शहर के खजांची हाट, वार्ड संख्या 27 निवासी लक्की के पिता मो. इम्तियाज भट्टा बाजार में सड़क किनारे फुटपाथ पर घड़ी मरम्मत का काम करते हैं, जबकि उनकी माता पम्मी बेगम स्कूल में खाना बनाने का कार्य कर परिवार चलाने में सहयोग करती हैं. आर्थिक तंगी के बावजूद दोनों पति-पत्नी अपने तीनों बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. पिता मो. इम्तियाज अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खुद की जरूरतों को त्यागते हुए हर संभव प्रयास करते रहे.

मेडिकल शॉप पर किया काम

सीमित संसाधनों के बीच लक्की ने हार नहीं मानी और यूट्यूब की मदद से रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई की. अपनी पढ़ाई का खर्च कम करने और पिता पर बोझ न बनने के लिए लक्की एक मेडिकल शॉप में काम भी करता था. काम के बाद देर रात तक पढ़ाई जारी रखता था. लक्की का कहना है कि यदि वह नौकरी नहीं करता तो और अधिक मेहनत करता और शायद बिहार टॉपर बनता. उसका सपना आगे चलकर शिक्षक बनकर समाज को शिक्षा देना है.

पूर्णिया लक्की ने किया टॉप

जैसे ही लक्की के स्टेट टॉपर बनने की खबर इलाके में फैली, उसके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया. माता-पिता अपने बेटे की सफलता पर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं. आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार का पूरा जीवन एक ही कमरे में गुजरता है, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद इस गुदड़ी के लाल ने पूर्णिया का नाम पूरे बिहार में ऊंचा कर दिया. लक्की की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है.

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