कुत्ते ने काटा, मासूम बच्ची ने डर के मारे नहीं लगवाया इंजेक्शन… 5 महीने बाद रेबीज से मौत
TV9 Bharatvarsh March 24, 2026 12:43 PM

महाराष्ट्र में पालघर जिले के नालासोपारा से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 9 साल की मासूम बच्ची की कुत्ते के काटने के पांच महीने बाद रेबीज के कारण मौत हो गई. मृतका की पहचान कशिश साहनी के रूप में हुई है, जो नालासोपारा पश्चिम के सुबोध सागर बिल्डिंग की निवासी थी. चौथी कक्षा में पढ़ने वाली कशिश की मौत ने पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना करीब पांच महीने पहले की है. कशिश अपने दादाजी के साथ घर के पास टहलने निकली थी. इसी दौरान उसने पास के एक कुत्ते को बिस्किट खिलाने की कोशिश की, तभी कुत्ते ने उसे काट लिया. दादाजी उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही कशिश इंजेक्शन के डर से फूट-फूट कर रोने लगी. बच्ची की जिद और डर को देखते हुए परिवार उसे बिना एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाए ही घर वापस ले आया.

जख्म भरा, लेकिन भीतर पनपता रहा खतरा

हादसे के अगले दिन जख्म सूखता हुआ दिखाई दिया, जिससे परिजनों को लगा कि खतरा टल गया है. इसी गलतफहमी में इस गंभीर घटना को नजरअंदाज कर दिया गया. लेकिन रेबीज का वायरस शरीर के भीतर चुपचाप सक्रिय रहा.

करीब चार दिन पहले अचानक कशिश की तबीयत बिगड़ने लगी. उसकी आंखें लाल हो गईं और शरीर में अजीब से लक्षण दिखने लगे. घबराए परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत देखते हुए उसे मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल रेफर कर दिया गया. दुर्भाग्यवश, रविवार रात इलाज के दौरान कशिश ने दम तोड़ दिया.

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, संपर्क में आए लोगों की जांच

इस घटना के बाद वसई-विरार नगर निगम (VVMC) का स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. मेडिकल ऑफिसर डॉ. भक्ति चौधरी ने कशिश के निवास स्थान का दौरा किया. उन्होंने बताया कि रेबीज एक संक्रामक और घातक बीमारी है, इसलिए कशिश के संपर्क में आए माता-पिता, पड़ोस के बच्चों और अन्य निवासियों की मेडिकल जांच की जा रही है ताकि किसी और को खतरा न हो.

विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि जानवर के काटने पर कभी भी लापरवाही न बरतें. भले ही जख्म छोटा हो, तुरंत साबुन से धोएं और डॉक्टर की सलाह पर पूरा टीकाकरण कोर्स जरूर करवाएं.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.