होटलों-रेस्तरां में 'एलपीजी शुल्क' वसूलने पर केंद्र ने लगाई रोक, कहा- उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
Navjivan Hindi March 26, 2026 12:43 AM

वैश्विक स्तर पर गैस संकट के बाद, देश में होटलों और रेस्तरां में ग्राहकों से एलपीजी शुल्क वसूलने पर केंद्र सरकार ने सख्त एडवाइजरी जारी की है और इसे अनुचित व्यापार प्रथा करार देते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की बात भी कही है।

उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता बिलों में "एलपीजी शुल्क", "गैस सरचार्ज" और "ईंधन लागत वसूली" जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने वाले होटलों और रेस्तरांओं का कड़ा संज्ञान लिया है और इस प्रथा को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत एक अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया है।

बयान में कहा गया कि सेवा शुल्क पर मौजूदा दिशानिर्देशों से बचने के लिए ऐसे शुल्क डिफॉल्ट रूप से लगाए जा रहे हैं। सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 10 के तहत जारी की नयी एडवाइजरी में निर्देश दिया है कि ऐसा कोई भी शुल्क स्वचालित रूप से नहीं वसूला जाएगा और चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सीसीपीए ने पाया है कि कुछ होटल और रेस्तरां मेनू में प्रदर्शित भोजन और पेय पदार्थों की कीमत और लागू करों के ऊपर, उपभोक्ता बिल में डिफॉल्ट रूप से ऐसे शुल्क लगा रहे हैं। ऐसी प्रथाओं के परिणामस्वरूप पारदर्शिता की कमी होती है और उपभोक्ताओं पर अनुचित लागत का बोझ पड़ता है।

सीसीपीए ने कहा कि ईंधन, एलपीजी, बिजली और अन्य परिचालन व्यय जैसी इनपुट लागतें व्यवसाय चलाने की लागत का हिस्सा हैं और इन्हें मेनू आइटम की कीमतों में ही शामिल किया जाना चाहिए। अलग से अनिवार्य शुल्क के माध्यम से ऐसी लागतों की वसूली करना अधिनियम की धारा 2(47) के तहत एक अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाता है। सीसीपीए ने आगे कहा कि कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में "एलपीजी शुल्क", "गैस शुल्क" या इसी तरह के शुल्क डिफॉल्ट रूप से या स्वचालित रूप से नहीं वसूलेगा और मेनू में प्रदर्शित कीमत ही अंतिम कीमत होगी, जिसमें केवल लागू कर अलग से जोड़े जा सकते हैं।

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.