सीएम योगी बुधवार को बहराइच में आयोजित कार्यक्रम के उपरांत बलरामपुर पहुंचे। यहां दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने गोरखपुर के लिए प्रस्थान किया। सीएम ने मंदिर में आए श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। सीएम ने रामनवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व स्वच्छता की समुचित व्यवस्था का भी निर्देश दिया।
गौरतलब है कि इसके पूर्व मुख्यमंत्री 11 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे थे। उन्होंने 12 मार्च की सुबह मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। बुधवार को दर्शन-पूजन के दौरान महंत मिथिलेश नाथ योगी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद रहे।
चैत्र नवरात्रि में पूरी हुई मन की मुरादभरथापुर में विकट परिस्थितियों में रह रहे 136 परिवारों को 1.20 लाख रुपए प्रति परिवार की दर से मुख्यमंत्री आवास की धनराशि अंतरित की गई। चैत्र नवरात्रि में मुख्यमंत्री ने 1.63 करोड़ से अधिक की धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे अंतरित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाभार्थियों को विभिन्न सुविधाओं से युक्त स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसके अलावा सीएम ने लाभार्थियों को हितग्राही धनराशि, परिसंपत्तियों, मुआवजा, शौचालय, मुख्यमंत्री आवास राशि समेत अनेक सुविधाओं का लाभ और उपहार भी प्रदान किए। इसके तहत संगीता को 16.98 लाख, आरती को 19.60 लाख, निर्मला देवी को 30.99 लाख, रानी देवी को 18.91 लाख, रेखा देवी को 21.73 लाख, किशोरी देवी को 37.44 लाख, अन्ना देवी को 26.49 लाख, सुनीता देवी को 18.53 लाख, प्रेमा देवी को 30.56 लाख, मंजू देवी को 26.84 लाख से अधिक की राशि का संस्तुति पत्र समेत अनेक सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी करा रहे समस्या का समाधानकार्यक्रम स्थल पर मौजूद भरथापुर निवासी मुन्ना लाल मौर्य ने सीएम योगी का ह्रदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमारा गांव तीन तरफ से नदियों व एक तरफ जंगल से घिरा हुआ है। वहां कोई सुविधा नहीं है। तहसील जाने के लिए नाव से नदी पार कर जाते हैं और इसके लिए कुल 60 किमी की दूरी तय करनी होती है। हमारे गांव में शौचालय, विद्यालय, शिक्षा-स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं नहीं थीं। मुख्यमंत्री जी आज हमारी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, इसके लिए उनका हृदय से आभार।
गांव में जो जमीन थी, वह नदी के कटान से चली गई। हम भूमिविहीन हैं। रोजगार भी नहीं है। 29 अक्टूबर को नाव हादसे में हमारे गांव के 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इसका तुरंत संज्ञान लिया। गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिवारों से मिले और ढांढस बंधाया। उन्होंने जिलाधिकारी से सेमरहना में जगह निश्चित करने और हम लोगों को बसाने, शिक्षा, रोजगार के लिए कहा है। यह भी निर्देश दिया कि सभी आराम से रहें और बच्चे पढ़ें।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala