संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मध्य पूर्व में युद्ध नियंत्रण से बाहर है और इसने नेताओं के अनुमानों से भी परे जाकर सीमाओं को तोड़ दिया है। उन्होंने बुधवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए मध्य पूर्व युद्ध को समाप्त करने के लिए उकसावे के बजाय कूटनीति की सीढ़ी का सहारा लिए जाने की अपील करते हुए, शान्ति प्रयासों की अगुवाई के लिए एक विशेष दूत भी नियुक्त किया है।
बुधवार को मध्य पूर्व में युद्ध का 26वां दिन है। इसराइल और ईरान के बीच जारी हमलों के बीच लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर इसराइली हमलों में तेज़ी आई है, जबकि ख़बरों के अनुसार लगभग 2,000 अमेरिकी सैनिक, इस क्षेत्र में तैनात होने के लिए तैयार हैं।
इस बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी (IMO) को बताया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) उन ग़ैर-शत्रु जहाज़ों के लिए खुला है जिनका अमेरिका और इसराइल से कोई सम्बन्ध नहीं है।
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शान्ति और कूटनीति का सन्देशयूएन प्रमुख ने कहा कि दुनिया एक व्यापक युद्ध, मानवीय पीड़ा के बढ़ते ज्वार और गहरे वैश्विक आर्थिक झटके के मुहाने पर खड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि पूरे क्षेत्र और उससे परे नागरिक गम्भीर क्षति झेल रहे हैं और गहरी असुरक्षा के बीच रह रहे हैं और होर्मुज़ संकरे जल मार्ग (Strait of Hormuz) के बन्द होने से वैश्विक बुवाई के महत्वपूर्ण समय पर तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही बाधित हो रही है।
एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल से आग्रह करते हुए कहा, युद्ध समाप्त करने का यह बहुत सटीक समय है। उन्होंने साथ ही ईरान से भी अपने उन पड़ोसी देशों में हमले बन्द करने की पुकार लगाई जो इस युद्ध के पक्ष नहीं हैं।
तनाव बढ़ाने के बजाय कूटनीति की सीढ़ी चढ़ेंएंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र युद्ध के परिणामों को कम करने के प्रयासों में गहराई से लगा हुआ है। उन्होंने अधिक ज़ोर दिया कि यह समय तनाव की सीढ़ी चढ़ना बन्द करने और कूटनीति की सीढ़ी चढ़ना शुरू करने तथा अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के पूर्ण सम्मान की ओर लौटने का है।
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यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से युद्ध समाप्त करने का आहवान करते हुए कहा, हमें इस आपदा से बाहर निकलने के मार्ग की आवश्यकता है। कूटनीति ही रास्ता है। अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पूर्ण सम्मान ही रास्ता है। शान्ति ही रास्ता है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने जियां अरनॉ को युद्ध और इसके परिणामों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए अपना व्यक्तिगत दूत नियुक्त किया है। वह दुनियाभर में अनेक स्थानों पर संघर्ष और उसके परिणामों पर यूएन के प्रयासों का नेतृत्व कर चुके हैं, जिनमें अफ़्रीका, एशिया, योरोप और लातीनी अमेरिका शामिल हैं। जियां अरनॉ, अफ़ग़ानिस्तान व क्षेत्रीय मुद्दों के लिए भी यूएन प्रमुख के निजी दूत रह चुके हैं।
भूख का ख़तरायूएन प्रमुख ने युद्ध के कारण उर्वरकों की आपूर्ति में व्यवधान की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया जिससे वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा के जोखिम उत्पन्न हो गया है। उन्होंने चेतावनीभरे शब्दों में कहा, आज उर्वरकों की उपलब्धता के अभाव में हमें निकट भविष्य में भूख का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, ऊर्जा की आसमान छूती क़ीमतों के कारण, दुनियाभर में महंगाई बढ़ने और निर्धनता गहराने का ख़तरा उपज रहा है।
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एंतोनियो गुटेरेश ने बढ़ते तनावों और सैन्य टकराव में बढ़ोतरी के बीच ज़ोर दिया कि अब भी आगे बढ़ने का रास्ता मौजूद है। कूटनीति क़ायम रखी जानी होगी, युद्ध कोई उत्तर नहीं है... हमें इस आपदा से बाहर निकलने का रास्ता बनाना होगा। कूटनीति ही बाहर का रास्ता है। अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पूर्ण सम्मान बाहर का रास्ता है। शान्ति बाहर का रास्ता है।
मुख्य बातें :