इजराइल के आसमान में इन दिनों क्लस्टर वॉरफेयर हो रहा है. ये इजराइल के आधुनिक और शक्तिशाली एयर डिफेंस के लिए एक जाल है. जब ईरान से मिसाइल लॉन्च होती है, इजराइली रडार उसे सिर्फ एक ही टारगेट समझता है. इजराइल के हाईटेक एयर डिफेंस सिस्टम यानी एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम हो या फिर आयरन डोम, तुरंत एक्टिवेट हो जाते हैं. इजराइली डिफेंस फोर्स को लगता है कि सब कुछ कंट्रोल में है लेकिन 23 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक सब कुछ बदल जाता है.
मिसाइल अचानक आसमान में एक्सप्लोड होता है और उसके अंदर से लगभग 80 छोटे बम निकलते हैं और पूरे आसमान में फैल जाते हैं. यानी एयर डिफेंस अलग-अलग दिशाओं में फैले दर्जनों बॉम्ब्स को इंटरसेप्ट करने में कन्फ्यूज और इंगेज हो जाता है. ये एक तरह से आसमान में छोटी-छोटी मिसाइलों का जाल है, जो दुश्मन के लिए काल साबित होता है.
बेदम नज़र आ रहे हैं इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टमईरान के इस क्लस्टर बम के आगे इजराइल के बड़े-बड़े एयर डिफेंस पूरी तरह बेदम नज़र आ रहे हैं. इजराइल के एयर डिफेंस से बचने के लिए क्लस्टर बम लगभग 23 हजार फीट की ऊंचाई पर आसमान में फट जाता है. जैसे किसी शॉटगन से सैकड़ों गोलियां फायर कर दी गई हों लेकिन ये धमाका दुश्मन की सांसें रोक देने वाला होता है क्योंकि इजराइल अपने एयर डिफेंस से एक बार में सिर्फ एक ही बम को रोक सकता है. मगर, दर्जनों बम एक बड़े इलाके में फैलकर भीषण तबाही मचाते हैं.
क्लस्टर बम इतने घातक क्यों हैं?क्लस्टर बम इसलिए बहुत घातक हैं क्योंकि ये डिफेंस सिस्टम को ओवरलोड कर देते हैं और बड़े इलाके में बेहिसाब तबाही मचाते हैं. इजराइल ने भी इस युद्ध में पहली बार माना है कि ईरान के क्लस्टर बम से उसके 8 टैंक और भारी संख्या में हथियारों को काफी नुकसान पहुंचा है. 17 मार्च को ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हत्या के कुछ घंटों बाद ईरान ने इजराइल पर घातक क्लस्टर बम की एक सीरीज दागी, जिसे उसने लारीजानी की मौत का बदला बताया था.
क्लस्टर बम की इसी विनाशक खूबियों की वजह से दुनिया के 100 से ज्यादा देशों ने 2008 में Convention on Cluster Munitions पर साइन करके इन्हें बैन कर दिया था. हालांकि, ईरान, अमेरिका और इजराइल ने इस पर साइन नहीं किया और आज की तारीख में ये ईरान का बड़ा हथियार बन गया है, जिससे इजराइल में भीषण तबाही मच रही है.
रिपोर्ट टीवी9 भारतवर्ष.