ट्रंप ने किया बाजार को कंफ्यूज! खुलते ही क्रैश हुआ शेयर मार्केट
TV9 Bharatvarsh March 27, 2026 02:43 PM

दलाल स्ट्रीट की चाल इतनी तेजी से बदल रही है कि इसका अनुमान लगाना बहुत मुश्किल हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के एक मूव से एक बयान से पूरा बाजार पलट जा रहा है. गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में छुट्टी थी. मगर जब बाजार शुक्रवार की सुबह खुला तो लाल-लाल हो गया. शुरुआती बाजार में सेंसेक्स करीब 800 अंक नीचे आ गया और निफ्टी भी 1 फीसदी नीचे आया. इस दौरान निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.

मगर कुछ देर बाद गिरावट और बढ़ गई. करीब 10 बजे. सेंसेक्स 900 अंक से अधिक, यानी 1% से अधिक, गिरकर 74,347 के इंट्राडे लो पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 लगभग 300 अंक यानी 1% से अधिक गिरकर 23,026 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया. बीएसई पर मध्य और स्मॉल कैप सूचकांकों में भी 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के 431 लाख करोड़ रुपये से घटकर 425 लाख करोड़ रुपये हो जाने के कारण निवेशकों को कुछ ही मिनटों में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

आज क्यों गिरा बाजार? कमजोर वैश्विक संकेत

दुनिया के दूसरे देशों के बाज़ारों में गिरावट का असर भारत के शेयर बाज़ार पर भी पड़ रहा है. पश्चिम एशिया में युद्ध को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अमेरिका के S&P 500 और Nasdaq Composite करीब 2% गिरे हैं. इसके साथ ही एशिया के Kospi और Nikkei 225 में भी लगभग 2% की गिरावट आई है.

ट्रंप के बयान से बढ़ा भ्रम

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को लेकर अलग-अलग और उलझाने वाली खबरें आ रही हैं, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका 6 अप्रैल तक ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले टाल देगा. लेकिन दूसरी तरफ खबरें हैं कि इजराइल युद्ध खत्म होने से पहले ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना चाहता है. विशेषज्ञ VK Vijayakumar का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चला, तेल महंगा रहा और गैस की सप्लाई में दिक्कत आई, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा और शेयर बाज़ार पहले से ही इसका असर दिखाने लगेगा.

रुपया कमजोर हुआ

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 94.15 के आसपास पहुंच गया है, जो पहले से भी नीचे है. पिछले महीने से अब तक रुपया लगभग 3.5% गिर चुका है. इससे बाज़ार का माहौल और खराब हो गया है.

कच्चा तेल महंगा बना हुआ है

ईरान से जुड़े तनाव के कारण Brent Crude की कीमत बढ़कर करीब $108 प्रति बैरल पहुंच गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल महंगा बना रहा, तो शेयर बाज़ार में डर का माहौल बना रहेगा. तेल महंगा होने से कंपनियों का खर्च बढ़ता है, जिससे उनकी कमाई और मुनाफा धीमा पड़ सकता है.

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