FBI डायरेक्टर काश पटेल का मेल अकाउंट भी नहीं सेफ, हैक करने वाला हंडाला ग्रुप कौन?
TV9 Bharatvarsh March 28, 2026 01:43 PM

फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल के ईरान में हवाई हमलों का एक बड़ा अभियान शुरू करने के बाद, ईरान ने ऐलान किया था कि वह इन हमलों का जवाब देगा और जवाब में साइबर हमले भी शामिल होंगे. ईरान की IRGC और सेना जहां इजराइल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रही है, वहीं ईरान से जुड़े हैकर भी अपने हमले जारी रखे हुए हैं.

ईरान से जुड़ा एक हैकर ग्रुप Handala ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI पर हमला करने की अपनी धमकी को सच कर दिखाया है. ग्रुप ने FBI के डायरेक्टर काश पटेल के पर्सनल ईमेल को हैक कर लिया. Handala ने गुरुवार को टेलीग्राम पर चेतावनी देते हुए कहा था कि FBI में सेंधमारी जल्द ही होने वाली है. ग्रुप ने लिखा, “जल्द ही आपको एहसास हो जाएगा कि FBI की सुरक्षा एक मज़ाक से ज़्यादा कुछ नहीं थी.”

यही ग्रुप इससे पहले और भी साइबर हमलों को अंजाम दे चुका है. मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी Stryker में एक बहुत बड़ा सेंध करते हुए हंदाला ने हज़ारों कंप्यूटरों को बेकार कर दिए और कंपनी के ज़्यादातर ग्लोबल ऑपरेशन्स को ठप कर दिया था.

कौन हैं Handala हैकर?

हंडाला हैकर ग्रुप एक प्रो-फिलिस्तीनी हैक्टिविस्ट ग्रुप है जो मुख्य रूप से इजराइल और अमेरिका के खिलाफ साइबर अटैक करता है. यह खुद को फिलिस्तीन प्रतिरोध का समर्थक बताता है, लेकिन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों (जैसे Check Point, Microsoft, Recorded Future आदि) के मुताबिक यह ईरान की इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री (MOIS) से जुड़ा हुआ है. इसे ईरानी सरकार की साइबर यूनिट का एक पब्लिक फ्रंट या पर्सोना माना जाता है.

नाम हंडाला प्रसिद्ध फिलिस्तीनी कार्टूनिस्ट नाजी अल-अली के 1969 के कार्टून कैरेक्टर से लिया गया है. यह एक 10 साल का नंगे पैर का लड़का है जो पीठ दिखाकर खड़ा रहता है, यह फिलिस्तीन प्रतिरोध, धैर्य और विदेशी समाधानों की अस्वीकृति का प्रतीक है. ग्रुप इसी इमेज और थीम का इस्तेमाल अपनी ब्रांडिंग में करता है.

क्यों बना हंडाला हैकर?

ये ग्रुप 2023 में दुनिया की नजरों में आया ये खुद को फिलिस्तीन विजिलैंट हैकर्स बताता है, जो इजराइल की सैन्य, डिफेंस, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिविलियन टारगेट्स पर अटैक करके प्रतिरोध दिखाता है. यह hack-and-leak (डेटा चुराना और लीक करना), wiper malware (डेटा मिटाने वाला वायरस), DDoS, वेबसाइट डिफेसमेंट जैसी तकनीकें इस्तेमाल करता है.

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