जिनेवा। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 29 दिनाें से जारी युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने चेतावनी दी है कि ईरान के बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास किसी भी सैन्य हमले से रेडियोधर्मी रिसाव का बड़ा खतरा हो सकता है।
तुर्किए की सरकारी संवाद समिति अनाडाेलू एजेंसी के अनुसार आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हालिया हमलों पर “गहरी चिंता” जताई।
उन्होंने कहा कि यह संयंत्र सक्रिय है और इसमें बड़ी मात्रा में परमाणु सामग्री मौजूद है, जिससे किसी भी नुकसान के गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
ग्रॉसी ने चेतावनी दी कि अगर इस परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचता है, तो यह “एक बड़ा रेडियोलॉजिकल हादसा” बन सकता है, जिसका असर सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि आसपास के कई देशों तक फैल सकता है।
आईएईए प्रमुख ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे मौजूदा संघर्ष के बीच “अधिकतम संयम” बरतें और हालात को और बिगड़ने से रोकें।
उन्होंने परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। ग्रॉसी ने कहा कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा के लिए बनाए गए आईएईए के सात-स्तंभों वाले सुरक्षा ढांचे का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या रिसाव को रोका जा सके।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह चेतावनी बेहद अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर परमाणु सुविधाएं संघर्ष का निशाना बनती हैं, तो इसके परिणाम सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी विनाशकारी हो सकते हैं।