सानिया ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में कुछ ऐसी बातों को बताया जिसे जानकर फैंस भी हैरान रह गए।
कलाई में लगी थी गंभीर चोट (Sania Mirza On depression)
यह बात साल 2008 की है। सानिया अपने करियर के शिखर पर थीं, तभी उनकी कलाई में गंभीर चोट लगी। दर्द इतना था कि वह अपने बाल तक नहीं संवार पा रही थीं। सानिया ने बताया कि मुझे बीजिंग ओलंपिक से नाम वापस लेना पड़ा। उस वक्त मुझे लगा कि मेरा जीवन और करियर दोनों खत्म हो गए हैं। मुझे नहीं पता था कि मैं इसके बाद तीन और ओलंपिक खेलूंगी।
डेढ़ महीने तक कमरे में कैद रही थीं सानिया
इस चोट ने सानिया को एक गहरे अंधेरे में धकेल दिया। वह करीब डेढ़ महीने तक अपने कमरे में कैद रहीं। इस दौरान वह बस रोती रहीं। वह किसी से मिलना नहीं चाहती थीं, यहां तक कि अपने माता-पिता से भी नहीं। उन्हें लगने लगा था कि वह सबको निराश कर रही हैं। सानिया ने कहा कि वह पहली बार था जब मैंने ऐसी स्थिति का सामना किया, जिसे आज मैं 'डिप्रेशन' के रूप में पहचानती हूं।
बेटे के साथ अधिक समय बिता रही हैं सानिया मिर्जा
सानिया मिर्जा ने भी माना कि टेनिस कोर्ट उनके लिए तनाव से बचने का जरिया बना। उन्होंने अपनी भावनाओं को खेल के जरिए बाहर निकाला। लेकिन हर किसी के लिए यह आसान नहीं होता। इसलिए जरूरी है कि अपनी कीमत को अपनी सफलताओं से अलग रखें। जीवन में छोटे-छोटे ब्रेक लें, जहां प्रदर्शन का कोई दबाव न हो। मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि भावनात्मक मैच्योरिटी है। शोएब मलिक से तलाक लेने के बाद सानिया मिर्जा अब अपना अधिक समय बेटे इजहान मिर्जा के साथ बिताती हैं।