Easter Sunday 2026: आज ईसाई धर्म के लोगों का होली सैटरडे है. ये गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे के बीच में आने वाला शनिवार होता है. बीते कल गुड फ्राइडे था और कल यानी 05 अप्रैल को ईस्टर संडे का पर्व मनाया जाएगा. ईसाई मान्यताएं हैं कि गुड फ्राइडे से लेकर ईस्टर तक यीशु के जीवन की बड़ी घटनाएं घटित हुईं. जिनमें उनका बलिदान और और फिर पुनर्जीवन शामिल है. गुड फ्राइडे को यीशु सूली पर चढ़ाए गए और ईस्टर संडे को उनका फिर से जन्म हुआ.
इसी बीच पड़ने वाला होली सैटरडे भी बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. आज ये दिन है. यह दिन शोक, मौन और प्रतीक्षा का प्रतीक माना जाता है. इस दिन ईसाई शांत प्रार्थना और ध्यान करते हैं. आइए इस मौके पर पढ़ते हैं यीशु मसीह के 10 प्रेरणादायक विचार, जिसने मनवता की सीख दी.
यीशु मसीह के प्रेरणादायक विचारईश्वर सबसे बड़ा: यीशु मसीह ने कहा है कि इस दुनिया में ईश्वर सबसे बड़ा है जिसके सामने हर व्यक्ति को झुकना चाहिए और विश्वास भी करना चाहिए.
प्रेम और करुणा: व्यक्ति को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ बहुत प्रेम और करुणामयी व्यवहार करना चाहिए. प्रेम के बिना व्यक्ति का कोई भी संबंध सफल नहीं हो सकता.
सत्य को महत्व: व्यक्ति को हमेशा जीवन में सत्य के साथ ही जीना चाहिए और इसको जीवन में सबसे महत्वपूर्ण स्थान देना चाहिए. सत्य के साथ चलने वाले व्यक्ति को दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है.
क्षमा सबसे बड़ी: यीशु मसीह ने कहा है कि गलती करने वाले से ज्यादा बड़ा वह होता है जो उसे क्षमा करता है. क्षमा करना दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण काम है.
शक्ति जीवन का आधार: यीशु मसीह ने शक्ति को जीवन का आधर बताया है. जोकभी किसी व्यक्ति के अंदर से मिटती नहीं है, लेकिन इसके लिए अपनी दुर्बलता को मात देना या खत्म करना आवशयक है.
मनुष्य खुद भाग्य का निर्माता:व्यक्ति को अगर अपने ऊपर आत्मविश्वास और आत्मनियंत्रण है, तो वो मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से कर सकता है. वह अपने भाग्य का खुद निर्माता है चाहे वह अच्छा हो या बुरा.
असफलता में ही छिपी सफलता: हर व्यक्ति किसी भी नए काम की जब शुरुआत करता है तो उसे असफलता मिलती है, लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए क्योंकि यही उसके सफलता की ओर पहला कदम है.
सेवा परम कर्तव्य: यीशु मसीह के अनुसार, गरीब व्यक्ति, पशु-पक्षी हो पेड़ पौधों आदि की सेवा करना ही व्यक्ति का परम कर्तव्य है.
सभी धर्मों का आदर: धर्म का मुख्य उद्देश्य आत्मा को जगाना और प्रेम की भावना रखना है. सभी धर्म यहीं सीख देते हैं.
खुद को कमजोर ना कहना: इंसान एक अनंत आत्मा है, जिसको कभी हराया नहीं जा सकता. कमजोर व्यक्ति को हमेशा सभी परिस्थितियों में मदद का भाव रहता है, जिसकी वजह से वह अपनी शक्तियों को नहीं देख पाता.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ईसाई धर्म की मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.