युद्ध के साये में 'सस्ता' तेल! ईरान-इजरायल तनाव के बावजूद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट
TV9 Bharatvarsh April 04, 2026 01:43 PM

पाकिस्तान ने पेट्रोल की कीमतें 80 रुपए प्रति लीटर कम करके 378 रुपए करने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि यह कटौती सरकार के पेट्रोलियम लेवी (टैक्स) से की जाएगी. यह घोषणा तब की गई जब लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए और पेट्रोल पंपों पर मोटरसाइकिलों की लंबी कतारें लग गईं. यह सब पेट्रोल की कीमत में 42.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके इसे 485 रुपये प्रति लीटर करने के देर रात लिए गए एक फैसले के कारण हुआ था. पाकिस्तान सरकार द्वारा पेट्रोल की कीमतों में यह कटौती, सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल की उपभोक्ता कीमतें बढ़ाने के ठीक एक दिन बाद की गई है. सरकार ने कीमतें बढ़ाने का कारण मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को बताया था.

डीजल की कीमतों में कटौती नहीं

उन्होंने टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि यह कमी कम से कम एक महीने तक लागू रहेगी. उन्होंने आगे कहा कि मैं वादा करता हूँ कि जब तक आपका जीवन सामान्य नहीं हो जाता, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा. शरीफ ने डीजल की कीमत में कोई कटौती नहीं की है. 54.9 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि के बाद डीजल की कीमत 520 रुपये प्रति लीटर ही बनी रहेगी. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस्लामाबाद में राज्य द्वारा संचालित सार्वजनिक परिवहन अगले एक महीने तक मुफ़्त रहेगा.

30 दिनों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन फ्री

गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने ‘X’ (ट्विटर) पर लिखा कि इस्लामाबाद में सभी सार्वजनिक परिवहन अगले 30 दिनों के लिए आम जनता के लिए मुफ़्त कर दिए जाएंगे, जिसकी शुरुआत कल (शनिवार) से होगी. उन्होंने आगे बताया कि सरकार पर इसका 350 मिलियन रुपए का आर्थिक बोझ पड़ेगा. पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत, पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी राज्य द्वारा संचालित सार्वजनिक परिवहन का किराया माफ़ कर दिया और ट्रकों तथा बसों के लिए “लक्षित सब्सिडी” की घोषणा की. मरियम नवाज शरीफ़ ने परिवहन संचालकों से आग्रह किया कि वे बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों पर न डालें. उन्होंने कहा कि हम वादा करते हैं कि जैसे ही हालात बेहतर होंगे, हम जनता को इस आर्थिक बोझ से राहत देंगे. इसके अलावा, सिंध (कराची) के अधिकारियों ने भी मोटरसाइकिल चालकों और छोटे किसानों के लिए इसी तरह की सब्सिडी की घोषणा की.

क्यों खड़ा हुआ फ्यूल संकट

पाकिस्तानी सरकार ने ईंधन बचाने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा की है. इनमें कई सरकारी कार्यालयों में काम के दिनों को घटाकर चार दिन का करना, स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ाना और कुछ कक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करना शामिल है. ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न संकट से निपटने के लिए कई एशियाई देशों ने या तो ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं या फिर अन्य उपाय लागू किए हैं. यह संकट इसलिए पैदा हुआ है क्योंकि ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) से होने वाला ऊर्जा परिवहन बाधित हो गया है. गुरुवार को, बांग्लादेश ने खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और कुछ कारों में इस्तेमाल होने वाली कंप्रेस्ड नेचुरल गैस की कीमतें 29 प्रतिशत बढ़ा दीं.

आईएमएफ ने दी थी चेतावनी

इस हफ़्ते की शुरुआत में, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान जैसी कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर न सिर्फ ज्यादा ऊर्जा कीमतों का दबाव है, बल्कि सप्लाई चेन में रुकावटों का भी दबाव है. 28 मार्च को, IMF ने पाकिस्तान के साथ एक शुरुआती समझौते की घोषणा की, जिसके तहत देश के लिए अपने सहायता कार्यक्रमों के हिस्से के तौर पर 1.2 अरब डॉलर का एक नया पैकेज जारी किया जाएगा. लाहौर में एक और प्रदर्शनकारी, हाफिज अब्दुल रऊफ ने कहा कि कीमतों में जो बढ़ोतरी हम देख रहे हैं, वह (ईरान) युद्ध की वजह से नहीं है, बल्कि IMF के दबाव की वजह से है. ऐसा दबाव जिसका विरोध किया जाना चाहिए. भगवान के लिए, इन मांगों से पीछे हटें और लोगों के प्रति थोड़ी हमदर्दी दिखाएं.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.