ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग Baa3 पर बरकरार रखी है और आउटलुक स्टेबल रखा है. एजेंसी का मानना है कि महामारी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मजबूत हुई है और अन्य देशों के मुकाबले इसकी ग्रोथ संभावनाएं बेहतर बनी हुई हैं.
मिडिल ईस्ट संकट से बढ़े जोखिमहालांकि मूडीज़ ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव भारत की आर्थिक रफ्तार को प्रभावित कर सकता है. एजेंसी के अनुसार, FY27 में भारत की GDP ग्रोथ 7.3% से घटकर करीब 6% तक आ सकती है. बढ़ते वैश्विक अनिश्चित माहौल के चलते निवेश और मांग पर असर पड़ सकता है.
महंगाई बढ़ने की आशंकारिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में महंगाई भी बढ़ सकती है. FY27 में यह करीब 4.8% तक पहुंचने का अनुमान है, जो इस साल के 2.4% से काफी ज्यादा है. LPG सप्लाई में रुकावट, ईंधन और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से कीमतों पर दबाव पड़ सकता है.
रेमिटेंस और व्यापार पर असरमूडीज़ के मुताबिक, मिडिल ईस्ट से भारत को आने वाला रेमिटेंस भी जोखिम में है. कुल विदेशी रेमिटेंस का करीब 40% हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है. अगर वहां रोजगार पर असर पड़ता है, तो भारत की घरेलू मांग भी कमजोर हो सकती है. साथ ही इस क्षेत्र में व्यापार प्रभावित होने से निर्यात पर भी दबाव पड़ सकता है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटलीकरण से मजबूतीएजेंसी ने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, डिजिटलीकरण और फाइनेंशियल सेक्टर में सुधार से लगातार समर्थन मिल रहा है. यही वजह है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की आर्थिक स्थिति संतुलित बनी हुई है.
राजकोषीय स्थिति पर नजर जरूरीमूडीज़ ने कहा कि भारत का कर्ज स्तर अभी भी ऊंचा है और मध्यम अवधि में GDP के 80% से ऊपर रह सकता है. FY27 में सरकार ने राजकोषीय घाटा 4.3% रखने का लक्ष्य तय किया है. एजेंसी के अनुसार, अगर वित्तीय सुधार जारी रहते हैं तो रेटिंग में सुधार संभव है, लेकिन किसी भी तरह की ढिलाई से दबाव बढ़ सकता है.