आज के समय में 10 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस कवर आम तौर पर पर्याप्त बताया जाता है, लेकिन तेजी से बढ़ती मेडिकल महंगाई इसे कम साबित कर सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हेल्थकेयर खर्च हर साल करीब 1213% की दर से बढ़ रहा है. ऐसे में बड़े शहरों में गंभीर बीमारियों का इलाज 10 लाख रुपए से ज्यादा का हो सकता है.
10 लाख रुपए अब सिर्फ बेस कवरएक्सपर्ट्स मानते हैं कि 10 लाख रुपए का कवर अब एक शुरुआती स्तर (बेस) माना जाना चाहिए, न कि अंतिम सुरक्षा. खासकर मेट्रो शहरों में हार्ट सर्जरी, कैंसर या ICU खर्च आसानी से इस सीमा को पार कर सकते हैं. इसलिए लोग अब बेस पॉलिसी के साथ सुपर टॉप-अप लेने की सलाह दे रहे हैं.
हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है?हेल्थ इंश्योरेंस मेडिकल इमरजेंसी के समय आपकी बचत को खत्म होने से बचाता है. यह अस्पताल खर्च, इलाज, जांच और कई मामलों में घर पर इलाज तक को कवर करता है. साथ ही कैशलेस ट्रीटमेंट और हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.
इंश्योरेंस न होने का खतराअगर आपके पास पर्याप्त बीमा नहीं है, तो एक सामान्य सर्जरी या ICU में कुछ दिन का खर्च 57 लाख रुपए तक पहुंच सकता है. ऐसे में लोगों को अपनी बचत तोड़नी पड़ती है, संपत्ति बेचनी पड़ सकती है या कर्ज लेना पड़ सकता है.
पॉलिसी लेने से पहले ध्यान रखें ये 6 बातेंपॉलिसी लेने से पहले डॉक्टर और इंश्योरेंस एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है. कुल मिलाकर, 2026 में 10 लाख रुपए का हेल्थ कवर पर्याप्त हो सकता है, लेकिन बेहतर सुरक्षा के लिए इसे बढ़ाना या टॉप-अप जोड़ना समझदारी होगी.