80 साल बाद पाकिस्तान का हिसाब करेगा इजरायल? मोसाद के रडार पर आया भारत का पड़ोसी, दुनिया में मची खलबली
UPUKLive Hindi April 11, 2026 02:43 AM

नई दिल्ली: लगभग 80 सालों से भारत के पड़ोस में एक ऐसी समस्या बनी हुई है, जो रह-रहकर टीस देती है। लेकिन अब लगता है कि इस नासूर पर दवाई छिड़कने का वक्त आ गया है। इतिहास में पहली बार इजरायल ने पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर वही तेवर अपनाए हैं, जो उसने हमास के खिलाफ दिखाए थे। आज गाजा में हमास को ढूंढने पर भी उसका नामोनिशान नहीं मिल रहा है, और अब खबरें आ रही हैं कि इजरायल की खूंखार खुफिया एजेंसी मोसाद को अगला टारगेट पाकिस्तान दिया गया है। भारत के लिए इसे एक बहुत बड़े और सुनहरे मौके के तौर पर देखा जा रहा है।

एयरफोर्स चीफ का अमेरिका दौरा और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय वायु सेना (IAF) के चीफ एपी सिंह अमेरिका पहुंचे हैं। वायु सेना अध्यक्ष का अचानक अमेरिका जाना एक बहुत बड़ा संकेत माना जा रहा है। रक्षा गलियारों में चर्चा है कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे किसी बड़े मिशन की तैयारी हो रही है? हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पाकिस्तान ने ऐसा क्या कर दिया कि मोसाद हाथ धोकर उसके पीछे पड़ गई है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का वो विवादित ट्वीट जिसने भड़काई आग

दरअसल, विवाद की जड़ पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक ट्वीट है। आसिफ ने इजरायल को ‘शैतान’ और ‘मानवता पर श्राप’ करार दे दिया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि वह प्रार्थना करते हैं कि जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फिलिस्तीन की जमीन पर इजरायल जैसा ‘कैंसर’ बनाया, वे सब नर्क की आग में जलें। पाकिस्तान की ओर से आई इस तीखी और विवादित टिप्पणी ने इजरायल के सब्र का बांध तोड़ दिया है।

इजरायल ने बदला अपना रुख: अब पाकिस्तान ‘आतंकी देश’

पाकिस्तानी मंत्री के इस बयान के बाद इजरायल ने पहली बार अपनी विदेश नीति में बड़ा बदलाव किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से सख्त संदेश आया है कि पाकिस्तान द्वारा इजरायल के विनाश की बात करना सीमा लांघने जैसा है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने सीधे शब्दों में पाकिस्तान को ‘आतंकी देश’ संबोधित करते हुए कहा कि जिसने भी हमारे देश को कैंसर बोला है, उसका पूर्ण विनाश तय है। इजरायल अब उन ताकतों से अपनी रक्षा करेगा जिन्होंने उसे मिटाने की कसम खाई है।

क्या अमेरिका की सरजमीं पर बन रही है कोई बड़ी रणनीति?

अमेरिका में इजरायल के राजदूत येल माइकल लीडर ने भी ख्वाजा आसिफ को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि आप कोई मध्यस्थ नहीं, बल्कि खुद एक समस्या हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जिस समय इजरायली राजदूत पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहे थे, ठीक उसी समय भारतीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह अमेरिकी एयरफोर्स चीफ से मुलाकात कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान पर किसी भी संभावित एक्शन से पहले अमेरिका को विश्वास में लिया जा रहा है। फिलहाल, दुनियाभर में रहने वाले यहूदी अब पाकिस्तान को अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मान रहे हैं और उसे मिटाने की मांग तेज हो गई है।

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