लो जी… सस्ता हो गया सोना-चांदी, इतना गिर गया दाम, भाव सुनकर नाच उठेंगे आप!
TV9 Bharatvarsh April 13, 2026 02:43 PM

बुलियन मार्केट के लिए सोमवार का दिन किसी झटके से कम नहीं रहा. वैश्विक अनिश्चितता के दौर में जिस सोने को निवेशक सबसे सुरक्षित ठिकाना या ‘सेफ हेवन’ मानते हैं, आज उसी की चमक फीकी पड़ती दिखाई दी. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी, दोनों ही कीमती धातुओं में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया. एमसीएक्स (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट तक, हर तरफ लाल निशान हावी रहा.

MCX पर सोना-चांदी धड़ाम

भारतीय वायदा बाजार (MCX) में आज कारोबार की शुरुआत ही सुस्ती के साथ हुई, जो देखते ही देखते बड़ी गिरावट में बदल गई. सोने की कीमतों में करीब ₹1084.00 की गिरावट आई, जिसके बाद भाव ₹1,51,568 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. लेकिन असली मार चांदी पर पड़ी है. चांदी की कीमतों में ₹5309 की भारी गिरावट देखी गई और यह ₹2,39,699 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी.

क्यों टूट रहे हैं दाम?

बाजार में मची इस अफरा-तफरी की जड़ें सात समंदर पार अमेरिका और पश्चिम एशिया से जुड़ी हैं. दरअसल, शांति वार्ता के नाकाम होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बजाय और उलझ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जो कड़ा रुख अपनाया है और संभावित समुद्री नाकेबंदी (Maritime Blockade) के जो संकेत दिए हैं, उसने डॉलर इंडेक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.

जब भी डॉलर मजबूत होता है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (Bond Yield) में बढ़त आती है, तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति का आकर्षण कम हो जाता है. निवेशक सोने से पैसा निकालकर डॉलर या फिक्स्ड इनकम एसेट्स में लगाना ज्यादा फायदेमंद समझने लगते हैं. अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में भी यही दिखा, जहां सोना $42.81 टूटकर $4,720.09 प्रति औंस पर आ गया और चांदी 2.44% की गिरावट के साथ $74.4 प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी.

निवेश करने के लिए सही समय या करें इंतजार?

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में बाजार पूरी तरह से खबरों और राजनीतिक बयानों पर चल रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक महंगाई की चिंताएं बाजार को अस्थिर बनाए हुए हैं. फिलहाल सोने और चांदी में शॉर्ट टर्म में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो सोने की यह ढलान खरीदारी का मौका दे सकती है, लेकिन ट्रेडिंग करने वालों को फिलहाल संभलकर रहने की जरूरत है. ट्रंप प्रशासन के अगले कदम और डॉलर की चाल ही यह तय करेगी कि बुलियन मार्केट में रौनक कब वापस लौटेगी. ऐसे में किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के ट्रेंड को बारीकी से समझना ही समझदारी होगी.

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