30 की उम्र के बाद शरीर के इन निशानों को न करें नजरअंदाज, हो सकता है कैंसर का संकेत''
Newshimachali Hindi April 17, 2026 09:42 AM

हर व्यक्ति के बदन पर अलग-अलग तरह के निशान होते हैं. जिसमें से कुछ जन्मजात और कुछ उम्र के साथ आते हैं. वैसे तो यह खुद सेहत के लिए खतरनाक नहीं होते हैं. लेकिन, इंफेक्शन, एलर्जी या कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का संकेत के रूप में नजर आ सकती है.

ऐसे में यदि आप अपने शरीर पर अचानक या लंबे समय से बने निशानों में बदलाव दे रख रहे हैं, तो इसे हल्के में ना लें. खासतौर पर जब ये निशान इन 5 निशानों में से एक है-

पित्ती

पित्ती उभरी हुई, खुजली वाली फुंसियां होती है जो लाल, गुलाबी रंग में त्वचा पर कहीं भी नजर आ सकती है. यह तब होता है जब शरीर किसी ट्रिगर के जवाब में हिस्टामाइन छोड़ता है, जिससे रक्त वाहिकाओं से तरल पदार्थ त्वचा में रिसने लगता है. वैसे तो यह कुछ घंटों में ठीक हो जाता है, लेकिन यदि 6 सप्ताह से ज्यादा यह बना हुआ है तो डॉक्टर से दिखाना जरूरी है. यह एनाफाइलैक्सिस जानलेवा एलर्जी का संकेत हो सकता है.

तिल

शरीर पर कुछ तिल जन्म वक्त से होते हैं. वहीं, कुछ उम्र के साथ नजर आने लगते हैं. हालांकि इससे कोई खतरा नहीं होता है. लेकिन यदि इनकी बनावट, रंग में बदलाव हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है. यह स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है. इसके सबसे ज्यादा मामले 30 की उम्र वाले लोगों में नजर आता है.

बार-बार घाव होना

ऐसा घाव जो ठीक नहीं होता, विशेष रूप से जिसमें से खून निकलता हो या पपड़ी जम जाती हो, वह त्वचा कैंसर का संकेत हो सकता है, जैसे कि बेसल या स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा - जो त्वचा कैंसर के अन्य प्रकार हैं. ये छोटे उभारों या खुरदुरे धब्बों के रूप में शुरू हो सकते हैं और धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं, अल्सर बन सकते हैं या इनमें से खून निकल सकता है.

खुजलीदार दाने

इसमें डिस्कॉइड एक्जिमा भी शामिल है, जो गोलाकार पैचों में खुजली, सूजन और फटी हुई त्वचा का कारण बनता है. यह जीवाणु संक्रमण, या त्वचाशोथ, एलर्जी या वायरस का भी संकेत हो सकता है. लेकिन कुछ मामलों में, त्वचा कैंसर का एक बहुत ही प्रारंभिक रूप जिसे बोवेन रोग के रूप में जाना जाता है, त्वचा पर लाल, पपड़ीदार पैच के रूप में दिखाई दे सकता है.

ठीक न होने वाले मुहांसे

यदि आपकी फुंसी छह से आठ हफ्ते से अधिक समय तक बनी रहती है और घरेलू उपचार से ठीक नहीं होती है, तो डॉक्टर से चेकअप करवाएं, ताकि यह पता चल सके कि यह संक्रमण तो नहीं है.

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें

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