
क्वेटा, 17 अप्रैल . बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने बलूचिस्तान प्रांत के झाओ इलाके में एक Pakistanी सैन्य शिविर पर हमले और खरान क्षेत्र में एक प्रमुख राजमार्ग को अवरुद्ध करने की जिम्मेदारी ली है. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह दावा समूह द्वारा जारी एक बयान में किया गया है.
बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने बताया कि समूह के लड़ाकों ने 12 अप्रैल को झाओ के कोहाडू इलाके में स्थित एक सैन्य शिविर पर हमला किया, जिसमें कई सैनिक मारे गए या घायल हुए. ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ के अनुसार, उन्होंने कहा कि हमले की शुरुआत शिविर की सुरक्षा में तैनात एक सैन्य कर्मी पर स्नाइपर फायरिंग से हुई, जिसके बाद रॉकेट लॉन्चर और ऑटोमैटिक हथियारों से समन्वित हमला किया गया.
समूह के प्रवक्ता ने कहा, “इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप शिविर को भारी नुकसान पहुंचा और कई सैन्य कर्मी मारे गए या घायल हुए.”
एक अलग कार्रवाई में, बीएलएफ ने 14 अप्रैल को खरान के सरावान इलाके में नौरोज़ाबाद रोड को कई घंटों तक अपने नियंत्रण में लेकर अवरुद्ध कर दिया. इस दौरान लड़ाकों ने वाहनों की तलाशी भी ली.
बीएलएफ ने परिवहनकर्ताओं को Pakistanी सुरक्षा बलों के साथ सहयोग न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग लॉजिस्टिक्स या कर्मियों के आवागमन में मदद करेंगे, उन्हें “सीधे निशाना बनाया जाएगा.”
बयान में समूह ने कहा, “जो भी दुश्मन की रसद या कर्मियों की आवाजाही में मदद करेगा, उसे सीधे निशाना बनाया जाएगा.”
समूह ने यह भी दोहराया कि वह बलूचिस्तान की “पूर्ण स्वतंत्रता” हासिल होने तक Pakistanी बलों और उनके “सहयोगियों” के खिलाफ सशस्त्र हमले जारी रखेगा.
मार्च में भी बीएलएफ ने बलूचिस्तान में दूरसंचार ढांचे और फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) की चौकी को निशाना बनाकर किए गए कई समन्वित हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जिनमें सुरक्षा बलों को नुकसान और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंचने की बात कही गई थी.
मीडिया बयान में बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने बताया कि 26 मार्च को हब चौकी के भावानी इलाके में समूह के लड़ाकों ने एक मोबाइल टावर साइट पर हमला कर मशीनरी को आग के हवाले कर दिया. उनका आरोप था कि इस टावर का इस्तेमाल निगरानी के लिए किया जा रहा था.
इसके अलावा, 22 मार्च को केच जिले के शहरक क्षेत्र के चारफनोक इलाके में बीएलएफ के लड़ाकों ने एक एफसी पोस्ट पर रॉकेट से हमला किया, जिससे वहां तैनात सुरक्षा बलों को नुकसान हुआ और बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची. उन्होंने यह भी बताया कि इसी हमले के दौरान पास स्थित यूफोन दूरसंचार टावर की मशीनरी को भी आग लगा दी गई, जिससे वह पूरी तरह से निष्क्रिय हो गया.
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डीएससी