बाजार की पाठशाला: पिछले एक साल में सोना या चांदी, किसने दिया ज्यादा रिटर्न? जानें अक्षय तृतीया पर किसमें निवेश से होगा तगड़ा मुनाफा
Indias News Hindi April 17, 2026 08:43 PM

New Delhi, 17 अप्रैल . India में अक्षय तृतीया के मौके पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी अहम मानी जाती है. यहां कीमती धातुएं न केवल संपत्ति सुरक्षित रखने का माध्यम हैं, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी संपत्ति ट्रांसफर करने का भी बड़ा माध्यम हैं. यही वजह है कि ऊंची कीमतों के बावजूद इस दिन सोना-चांदी की मांग हमेशा बनी रहती है.

पिछले साल की अक्षय तृतीया के बाद से सोने और चांदी, दोनों की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में इस दिन किया गया निवेश आमतौर पर फायदे में रहा है. India में घरेलू परिवारों के पास दुनिया के कुल सोने का करीब 11-16 प्रतिशत हिस्सा माना जाता है, जो अमेरिका, जर्मनी, इटली और रूस के संयुक्त भंडार से भी ज्यादा है.

अगर सोने की बात करें तो पिछले साल 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया के दिन 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 97,910 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर 17 अप्रैल 2026 तक लगभग 1,51,358 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है. यानी करीब 55 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है. इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी और बाजार में पहले से ही खरीदारी का माहौल बन रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची कीमतों के बावजूद इस बार भी सोने की मांग मजबूत रह सकती है. वैश्विक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारणों से सोने में तेजी बनी हुई है.

वहीं चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया है. पिछले साल की अक्षय तृतीया से अब तक चांदी ने 155 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है. एमसीएक्स पर चांदी की कीमत करीब 1,00,000 प्रति किलो से बढ़कर 2,51,400 प्रति किलो तक पहुंच गई है. चांदी की खास बात यह है कि इसमें निवेश के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डिमांड भी जुड़ी होती है, जिससे इसकी कीमतों में ज्यादा तेजी देखने को मिलती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) जरूर है, लेकिन आगे का रुख सकारात्मक बना हुआ है. सोने ने पिछले 5 सालों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और अक्षय तृतीया के आसपास भी अच्छे रिटर्न दिए हैं. आने वाले समय में भी सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद है और घरेलू बाजार में इसकी कीमत 1,70,000 रुपए से 1,85,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है.

हालांकि एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे (किस्तों में) निवेश करें, ताकि जोखिम कम किया जा सके.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चांदी में भी मिड-टर्म में तेजी की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है. अनुमान है कि आने वाले समय में चांदी की कीमत 3,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है.

डीबीपी

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