राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता मामले में केस दर्ज करने का आदेश
Gyanhigyan April 17, 2026 11:43 PM
राहुल गांधी पर केस दर्ज करने का आदेश


लखनऊ। लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता के मामले में केस दर्ज करने का आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिया है।

कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने यह आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम के मतदाता रहे हैं, जो उनकी दोहरी नागरिकता का संकेत देता है।

इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने लखनऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट के 28 जनवरी के आदेश को चुनौती दी थी। पहले की अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी, यह मानते हुए कि नागरिकता से संबंधित मामलों में निर्णय लेने का अधिकार उसके पास नहीं है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता का आरोप एक जांच का विषय है। कोर्ट ने योगी आदित्यनाथ सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मामले की जांच स्वयं करे या किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपे। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राज्य सरकार चाहें तो मामले की जांच किसी केंद्रीय जांच एजेंसी से करवा सकती है।

मामले की पृष्ठभूमि में, यह विवाद पहले रायबरेली की विशेष अदालत में दायर किया गया था, जहां कोई निर्णय नहीं लिया गया। बाद में यह केस लखनऊ एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया गया, जहां याचिका खारिज कर दी गई थी। उच्च न्यायालय ने अब निचली अदालत के आदेश को पलटते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज और ईमेल हैं, जो यह साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं। इस आधार पर, उनका कहना है कि वह भारत में चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं।

यह शिकायत पहले रायबरेली की विशेष कोर्ट में दायर की गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 17 दिसंबर, 2025 को इस मामले को लखनऊ स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद लखनऊ की कोर्ट के याचिका खारिज करने पर याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच का रुख किया।


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