Rahul Gandhi : दोहरी नागरिकता मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आज बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की बात कही। अब प्राथमिकी के बाद आगे की जांच प्रक्रिया शुरू होगी और तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रकरण की जांच सीबीआई करेगी।
दोहरी नागरिकता मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आज बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं।
ALSO READ: संसद में राहुल गांधी के भाषण की खास बातें...
प्रकरण की जांच करेगी सीबीआईअदालत ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की बात कही। अब प्राथमिकी के बाद आगे की जांच प्रक्रिया शुरू होगी और तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रकरण की जांच सीबीआई करेगी। कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने यह याचिका दाखिल की थी।
ALSO READ: राहुल गांधी ने संसद में सुनाई कहानी, भाषण पर मचा बवाल, स्पीकर ने कार्यवाही से हटाया बयान
राहुल की दोहरी नागरिकता को दी गई थी चुनौतीयाची ने लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी। रायबरेली से सांसद चुने जाने के बाद राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता पर चुनौती दी गई थी।
ALSO READ: राहुल गांधी गमछा नहीं पहनते, पर टोपी खुशी-खुशी पहनते हैं, असम में नितिन नवीन का तीखा हमला; घुसपैठ पर कांग्रेस को घेरा!
भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकतायाचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर का आरोप है कि राहुल गांधी के पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता है। याचिका में कहा गया कि यह सिर्फ नागरिकता का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। दरअसल यह मामला पहले जिला अदालत में था जहां याचिका खारिज कर दी गई थी।
ALSO READ: असम में राहुल गांधी पर जमकर बरसे अमित शाह, बोले- संसद के दरवाजे पर चाय-पकौड़े खाते हैं और देश का विरोध करते हैं...
कहां दर्ज होगी एफआईआर? इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने माना कि चूंकि जांच का दायरा विदेशों और कई राज्यों तक फैला हो सकता है इसलिए राज्य सरकार को किसी जांच एजेंसी की मदद लेनी चाहिए। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह एफआईआर रायबरेली कोतवाली या लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज की जा सकती है।
Edited By : Chetan Gour