रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज-VII के लिए समय से पहले (premature) रिडेम्पशन की कीमत घोषित कर दी है. यह बॉन्ड 20 अक्टूबर 2020 को जारी किया गया था और अब निवेशक इसे 20 अप्रैल 2026 से भुना सकते हैं. RBI के अनुसार, SGB को जारी होने के 5 साल बाद, ब्याज भुगतान की तारीख पर समय से पहले रिडीम करने की अनुमति होती है.
कैसे तय होती है रिडेम्पशन कीमतRBI के नियमों के मुताबिक, SGB की रिडेम्पशन कीमत 999 शुद्धता वाले सोने के औसत बाजार भाव पर आधारित होती है. इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित पिछले तीन कार्यदिवसों के क्लोजिंग प्राइस का औसत लिया जाता है. इस बार 15, 16 और 17 अप्रैल 2026 के भाव के आधार पर कीमत तय की गई है.
₹15,254 प्रति यूनिट तय हुई कीमतRBI ने 20 अप्रैल 2026 के लिए SGB 2020-21 Series-VII की रिडेम्पशन कीमत ₹15,254 प्रति यूनिट तय की है. यह कीमत उस समय की तुलना में काफी ज्यादा है, जब यह बॉन्ड जारी किया गया था.
205% तक का शानदार रिटर्नइस सीरीज के SGB को 2020 में ऑनलाइन खरीदने वालों के लिए इश्यू प्राइस ₹5,001 प्रति ग्राम था, जबकि ऑफलाइन खरीद पर यह ₹5,051 था. ऑनलाइन निवेशकों को ₹50 प्रति ग्राम की छूट दी गई थी. अगर ₹5,001 की कीमत को आधार मानें, तो अब ₹15,254 मिलने पर प्रति यूनिट ₹10,253 का फायदा हुआ है. यह करीब 205% का सीधा रिटर्न है (इसमें 2.5% सालाना ब्याज शामिल नहीं है).
₹1 लाख का निवेश बना ₹3.05 लाखसरल शब्दों में समझें तो अगर किसी निवेशक ने 2020 में इस SGB सीरीज में ₹1 लाख लगाए होते, तो अब उसकी वैल्यू करीब ₹3.05 लाख हो जाती. इसमें मिलने वाला 2.5% सालाना ब्याज अलग से है, जिससे कुल रिटर्न और बढ़ जाता है.
SGB क्या है और क्यों खास हैSovereign Gold Bond (SGB) सरकार की ओर से जारी एक सिक्योरिटी है, जो सोने के ग्राम में होती है. यह फिजिकल गोल्ड खरीदने का सुरक्षित विकल्प माना जाता है. इसमें निवेशक को सोना खरीदकर रखने की जरूरत नहीं होती, लेकिन उसे सोने की कीमत बढ़ने का फायदा मिलता है.
ब्याज और भुगतान की व्यवस्थाSGB पर निवेशकों को सालाना 2.5% की फिक्स्ड ब्याज दर मिलती है, जो हर छह महीने में उनके बैंक खाते में जमा होती है. मैच्योरिटी पर मूल रकम के साथ अंतिम ब्याज भी दिया जाता है.