अगर आप अब भी यह मानते हैं कि पैन कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ इनकम टैक्स भरने वाले लोग करते हैं, तो आपको अपनी जानकारी तुरंत अपडेट करने की जरूरत है. देश में आर्थिक लेनदेन को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार और आयकर विभाग ने नियमों को काफी सख्त कर दिया है. आज की तारीख में पैन कार्ड महज एक प्लास्टिक का कार्ड नहीं रहा, बल्कि यह आपकी पूरी वित्तीय पहचान का सबसे मजबूत दस्तावेज बन गया है. अगर आप कोई नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहते हैं या बैंक में कोई बड़ी रकम जमा करने वाले हैं, तो बिना इस कार्ड के आपका हर काम रुक जाएगा. आयकर विभाग ने ऐसे बड़े और आम लेनदेन की सूची तय कर दी है, जहां पैन कार्ड देना एकदम अनिवार्य है.
इन कामों में पड़ेगी पैन कार्ड की जरूरतआयकर विभाग की नई गाइडलाइंस के अनुसार, एक तय सीमा से ज्यादा के पैसों के लेनदेन पर पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य हो गया है. अगर आप दोपहिया वाहन को छोड़कर कोई भी कार या कमर्शियल गाड़ी खरीदते या बेचते हैं, तो यह कार्ड सबसे पहले मांगा जाएगा. इसी तरह, बेसिक सेविंग्स अकाउंट को छोड़कर किसी भी बैंक में नया खाता खुलवाना हो या शेयर बाजार में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट शुरू करना हो, बिना पैन के यह संभव नहीं है.
बात सिर्फ निवेश या प्रॉपर्टी की नहीं है. अगर आप किसी शानदार होटल या रेस्टोरेंट का बिल नकद में चुकाते हैं और वह रकम 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको पैन की जानकारी देनी होगी. विदेश यात्रा के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा खरीदने पर भी यही नियम लागू होता है.
इसके अलावा म्यूचुअल फंड, कंपनी के डिबेंचर, या आरबीआई के बॉन्ड में 50 हजार से ऊपर के निवेश पर पैन अनिवार्य है. बैंक में एक दिन में 50 हजार से ज्यादा कैश जमा करने, इतने ही मूल्य का डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाने, लाइफ इंश्योरेंस का सालाना प्रीमियम 50 हजार से ऊपर होने या डिजिटल वॉलेट में सालाना 50 हजार से ज्यादा खर्च करने पर भी पैन नंबर देना जरूरी है. वहीं, अगर आप 10 लाख रुपये से ऊपर की कोई जमीन या मकान खरीदते-बेचते हैं, या 1 लाख से ऊपर के अनलिस्टेड शेयर खरीदते हैं, तो वहां भी पैन कार्ड का होना पहली शर्त है.
कानूनी झमेलों से बचने के लिए क्या करें?कई बार आम लोग जानकारी के अभाव में बड़े नकद लेनदेन कर लेते हैं और बाद में जब आयकर विभाग का नोटिस आता है, तो परेशानी खड़ी हो जाती है. पैन कार्ड आपके हर वित्तीय कदम का रिकॉर्ड रखता है, जिससे सरकार को आय का सही आकलन करने में मदद मिलती है. आप किसी भी बड़े सौदे या निवेश से पहले यह जांच लें कि आपका पैन कार्ड पूरी तरह से एक्टिव है और वह आपके आधार कार्ड से लिंक है. इस छोटे से कार्ड को हल्के में लेने की भूल आपकी गाढ़ी कमाई और मानसिक सुकून, दोनों पर भारी पड़ सकती है.
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