Car Maintenance: नई कार खरीदने का सपना हर किसी का होता है, चमचमाती बॉडी, दमदार इंजन और लग्जरी फीचर्स, लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है जब कार घर आ जाती है. कई लोग खरीदते समय सिर्फ कीमत और लुक्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन बाद में सर्विस बिल देखकर हैरान रह जाते हैं. सच यही है कि कुछ कारें ऐसी होती हैं, जिनका मेंटेनेंस इतना महंगा होता है कि एक बार सर्विस कराने में ही जेब खाली हो जाती है.
एडवांस टेक्नोलॉजी का असर
आजकल की कारें सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि चलती फिरती टेक्नोलॉजी हैं. सेंसर, कैमरा, डिजिटल डिस्प्ले, ऑटोमैटिक सिस्टम, ये सब जितने काम के हैं, उतने ही महंगे भी. अगर इनमें से कोई एक भी पार्ट खराब हो जाए, तो उसे ठीक कराने में अच्छा खासा खर्च आ सकता है.
लग्जरी ब्रांड्स में ज्यादा खर्च
अगर आप BMW, Mercedes Benz या Audi जैसी कारों के बारे में सोच रहे हैं, तो सिर्फ उनकी कीमत ही नहीं, बल्कि उनके रखरखाव का खर्च भी समझना जरूरी है. इन कारों में हाई एंड टेक्नोलॉजी, प्रीमियम पार्ट्स और एडवांस सेफ्टी फीचर्स होते हैं, यही वजह है कि एक छोटी सी रिपेयर या सर्विस भी हजारों से लाखों तक पहुंच सकती है.
बड़ी SUV और प्रीमियम सेगमेंट
भारत में Toyota Fortuner और Ford Endeavour जैसी SUVs का अलग ही क्रेज है. इनमें दमदार इंजन और शानदार रोड प्रेजेंस, सब कुछ मिलता है. लेकिन इनके बडे टायर, ज्यादा ईंधन खपत और भारी इंजन की वजह से मेंटेनेंस कॉस्ट भी ज्यादा होती है. एक सर्विस में ही हजारों रुपये खर्च होना आम बात हो गई है.
यह भी पढ़ें - डिफेंडर और लैंड क्रूजर को टक्कर देने जल्द आ रही नई लग्जरी SUV, भारत में कब होगी लॉन्च?
इंपोर्टेड कारों की चुनौतियां
कुछ लोग unique और exclusive कारों के शौकीन होते हैं, जो विदेश से इंपोर्ट की जाती हैं. ऐसी कारों का मेंटेनेंस सबसे महंगा होता है, क्योंकि इनके स्पेयर पार्ट्स भारत में आसानी से उपलब्ध नहीं होते. कई बार एक छोटा सा पार्ट मंगवाने में ही हफ्तों लग जाते हैं और खर्च भी कई गुना बढ़ जाता है.
सर्विस और लेबर चार्ज
महंगी कारों के लिए आम गैराज में जाना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए लोग authorized सर्विस सेंटर का ही सहारा लेते हैं, लेकिन यहां लेबर फीस, servicing फीस और पार्ट्स की कीमत मिलाकर बिल काफी बड़ा हो जाता है. कभी कभी तो एक सामान्य सर्विस का खर्च ही इतना होता है कि आप सोचने पर मजबूर हो जाएं.
यह भी पढ़ें - अक्षय तृतीया के मौके पर कौन-सी ऑटोमैटिक कार खरीदना बेहतर? मार्केट में ये किफायती ऑप्शन्स मौजूद