चेहरे के संवेदनशील क्षेत्र में पिंपल निचोड़ने से महिला की जान पर बन आई
Gyanhigyan April 23, 2026 03:42 AM
महिला की गलती का गंभीर परिणाम

न्यूयॉर्क की निवासी लिश मैरी को एक साधारण गलती ने गंभीर संकट में डाल दिया। उन्होंने अपने नथुने के नीचे एक सिस्टिक पिंपल को निचोड़ दिया, जो चिकित्सकों द्वारा 'मौत का त्रिकोण' कहा जाता है। यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है, और यहां होने वाला कोई भी संक्रमण सीधे मस्तिष्क तक पहुंच सकता है।


गंभीर लक्षणों का विकास

पिंपल को निचोड़ने के कुछ घंटों बाद, लिश मैरी के चेहरे का बायां हिस्सा सूज गया और उन्हें तेज दर्द का सामना करना पड़ा। उनकी स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वे ठीक से मुस्कुरा भी नहीं पा रही थीं। डॉक्टर से संपर्क करने पर पता चला कि उन्हें एक गंभीर संक्रमण हो गया है। इलाज के लिए उन्हें चार प्रकार की दवाइयां दी गईं, जिनमें एंटीबायोटिक्स और स्टेरॉयड शामिल थे।


मौत का त्रिकोण: एक खतरनाक क्षेत्र

नाक और ऊपरी होंठ के बीच का त्रिकोणीय क्षेत्र बेहद संवेदनशील होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र की नसें सीधे मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं। यदि यहां किसी पिंपल या घाव को छेड़ा जाता है, तो बैक्टीरिया रक्त प्रवाह के जरिए मस्तिष्क तक पहुंच सकते हैं, जिससे अंधापन, लकवा, स्ट्रोक या यहां तक कि मृत्यु का खतरा हो सकता है। त्वचा विशेषज्ञ डॉ. मार्क स्ट्रॉम ने कहा, "इस क्षेत्र में पिंपल को फोड़ना बैक्टीरिया के लिए मस्तिष्क का दरवाज़ा खोलने जैसा है।"


समय पर इलाज से बची जान

लिश मैरी ने समय पर इलाज शुरू किया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ। एक दिन में सूजन कम हुई और तीन दिनों में वे लगभग पूरी तरह ठीक हो गईं। हालांकि, इस घटना ने उन्हें और दूसरों को यह सिखाया कि चेहरे के इस हिस्से के पिंपल से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।


विशेषज्ञों की सलाह

त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पिंपल को निचोड़ने की आदत बेहद खतरनाक हो सकती है। ऐसा करने से बैक्टीरिया त्वचा के अंदर गहराई तक जा सकते हैं, जिससे लंबे समय तक सूजन, संक्रमण और स्थायी दाग पड़ने का खतरा रहता है। यदि पिंपल निकालना आवश्यक हो, तो इसे साफ हाथों से और सुरक्षित तरीके से करना चाहिए। बेहतर होगा कि इसे बिल्कुल न छेड़ा जाए और दवा, पिंपल पैच या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए स्पॉट ट्रीटमेंट का उपयोग किया जाए।


डॉ. ममिना तुरेगनो ने सलाह दी है कि चेहरे के इस संवेदनशील क्षेत्र में पिंपल को फोड़ने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके बजाय एंटीबैक्टीरियल क्रीम, हल्की गर्म सिकाई या चिकित्सा परामर्श लेना कहीं अधिक सुरक्षित है।


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