डोभाल के UAE दौरे को लेकर बौराया पाकिस्तान, बोलने लगा साजिश वाला झूठ, किसने निकाल दी हवा?
एबीपी लाइव April 28, 2026 05:12 PM

भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा की थी. इस यात्रा को लेकर पाकिस्तानी भारत पर बलूचिस्तान में साजिश रचने का आरोप लगा रहे थे. पाकिस्तानी पत्रकार अबसार आलम के प्रोपेगेंडा की बलूच कार्यकर्ता ने हवा निकाल दी.

पाकिस्तानी पत्रकार ने अजीत डोभाल की यूएई यात्रा को बलूचिस्तान से जोड़ने की कोशिश की. अबसार आलम का कहना है कि जब पाकिस्तान बलूचिस्तान के जरिए ईरान और मिडिल ईस्ट के लिए व्यापारिक रास्ते खोल रहा है तब डोभाल की अबू धाबी में मौजूदगी किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है.

पाकिस्तानी पत्रकार के झूठे दावे
अबसार आलम ने लिखा कि बलूचिस्तान में सभी सीमा चौकियां खोल दी गई हैं, जो पाकिस्तान को ईरान से जोड़ेंगी. इनमें ग्वादर, खुजदार, क्वेटा, पंजगुर, पसनी, दलबांदिन, नोकुंडी और ताफ्तान शामिल हैं. ग्वादर गलियारा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्वादर पूरे विश्व से आने वाले माल को संभाल सकता है और गब्द के रास्ते यह ईरान होते हुए मिडिल ईस्ट तक पहुंच सकता है. इसीलिए आलम ने आरोप लगाया कि अजीत डोभाल यूएई जाकर इस रूट को बंद करने की साजिश रच रहे हैं.

अबसार आलम ने इंटरनेशनल मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि होर्मुज बंद होने के बाद कराची बंदरगाहों पर करीब 3000 कंटेनर फंसे हुए हैं. हालांकि ये दावा पूरी तरह से झूठा है. अबसार आलम जैसे पत्रकार पाकिस्तान के लिए प्रोपेगेंडा ही करते हैं. उन्होंने आगे लिखा है कि यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अजीत डोभाल अबू धाबी में मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मौजूद हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बैठक का विवरण अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन डोभाल की बलूचिस्तान डॉक्ट्रिन से सभी परिचित हैं. 

बलूच पत्रकार ने फेल किया पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा 
बलूच पत्रकार किया बलूच ने पाकिस्तानी पत्रकार के इन आरोपों पर जोरदार पलटवार किया. बलूच ने लिखा कि कृपया बलूचिस्तान का इस्तेमाल साजिश की थ्योरी फैलाने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करना बंद करें. जिस मीटिंग की बात हो रही है उसकी जानकारी UAE में भारतीय दूतावास ने शेयर की थी और प्रेस में इसकी खूब चर्चा हुई थी. 

 

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उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा कि कोई भी सरकार हाई लेवल मीटिंग्स की तस्वीरें तब सार्वजनिक नहीं करती, जब वो किसी दूसरे देश के खिलाफ कोई साजिश रच रहे हों. डोभाल ने एक महीने पहले सऊदी के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसैद अल-ऐबान से भी मुलाकात की थी, क्या उस समय बलूचिस्तान एजेंडे में था?

बता दें कि NSA अजीत डोभाल ने 25-26 अप्रैल को संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया, जिसका मुख्य एजेंडा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा था. 

 

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