Airlines crisis : क्या बंद होने की कगार पर एयरलाइंस, सरकार से मदद की लगाई गुहार
Webdunia Hindi April 28, 2026 09:43 PM

बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही एयरलाइंस कंपनियों ने सरकार को SOS संदेश भेजते हुए गंभीर चिंता जताई है। कंपनियों का कहना है कि अगर एविएशन फ्यूल (ATF) की कीमतों में राहत नहीं मिली, तो उन्हें अपने संचालन को बंद करने तक का कदम उठाना पड़ सकता है। एयरलाइंस का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत और घटती कमाई के चलते उनका बिजनेस मॉडल दबाव में आ गया है।

उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर ईंधन पर टैक्स में कटौती और अन्य राहत उपायों की मांग की है, ताकि इंडस्ट्री को राहत मिल सके और उड़ान सेवाएं जारी रह सकें। उद्योग एक्सपर्ट्स के अनुसार ATF की ऊंची कीमतें पहले से ही एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर रही हैं, और अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर यात्रियों और पूरे एविएशन सेक्टर पर पड़ सकता है।

एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने कहा है कि वे “संचालन बंद करने की कगार” पर हैं और बढ़ती जेट ईंधन कीमतों के बीच सरकार से “तत्काल हस्तक्षेप” की मांग की है। देश की प्रमुख एयरलाइंस इस समय दोहरी मार झेल रही हैं—एक तरफ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें और दूसरी तरफ युद्ध से जुड़े हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण लंबा रूट लेना पड़ रहा है। एयरलाइंस के कुल संचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जेट ईंधन खरीदने में खर्च होता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, वहीं हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों ने खासकर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए परिचालन लागत और बढ़ा दी है।

एयरलाइन उद्योग की संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर “एयरलाइंस को होने वाले असहनीय नुकसान और विमानों के ग्राउंड होने” से बचाने के लिए कुछ कदम सुझाए हैं। संस्था ने कहा कि जेट ईंधन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है और कच्चे तेल व ATF के बीच का अंतर एयरलाइंस के संचालन को “पूरी तरह प्रभावित” कर रहा है।

एयरलाइंस ने जताया ‘असहनीय नुकसान’ का खतरा

फेडरेशन ने कहा, “घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में किसी भी तरह का अस्थायी अंतर (ad hoc pricing) या ATF की कीमतों में अव्यवहारिक बढ़ोतरी एयरलाइंस के लिए असहनीय नुकसान का कारण बनेगी और इससे विमानों को ग्राउंड करना पड़ेगा, जिससे उड़ानों का रद्द होना तय है।”

26 अप्रैल को लिखे पत्र में कहा गया, “मौजूदा स्थिति से उबरने, संचालन जारी रखने और टिके रहने के लिए हम तत्काल और सार्थक वित्तीय सहायता हेतु आपके हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं। एयरलाइंस ने सरकार से यह भी मांग की है कि ATF पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी, जो फिलहाल 11 प्रतिशत है, उसे अस्थायी रूप से स्थगित किया जाए। Edited by : Sudhir Sharma

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