अमेरिका और इजरायल की ईरान से जंग का असर ना सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इस जंग के चलते अब हाजियों को भी अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी. भारत सरकार ने युद्ध के चलते तेल महंगा होने के कारण प्रति हाजी दस हजार रुपये यानि कि 100 अमेरिकी डॉलर और बढ़ा दिए हैं.
हज समिति ने बुधवार (29 अप्रैल) को एक लेटर जारी कर कहा कि हज 2026 के सभी तीर्थयात्रियों को सूचित किया जाता है कि मध्य पूर्व में चल रहे संकट से पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने किराए में प्रत्येक तीर्थ यात्री से 100 अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि देने की अपील की है. आगे कहा गया है कि चाहे (डिपार्चर प्वाइंट) प्रस्थान बिंदु कोई भी हो, ये भुगतान तीर्थयात्रियों को करना होगा.
कब तक जमा करने होंगे रुपये
बता दें कि अब भारत से हज पर जाने वाले हाजियों को हज कमेटी ने 10-10 हजार रुपये और जमा करने का निर्देश दे दिया है. हज कमेटी से जाने वाले सभी हाजियों को 15 मई तक यह अतिरिक्त चार्ज जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. इस साल भारत से कुल 1,75,025 हज यात्री जा रहे हैं.
लेटर में कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में मौजूदा स्थिति के कारण विमानन ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के मद्देनजर और हितधारकों के साथ परामर्श के बाद, एयरलाइंस द्वारा किराए में 400 अमेरिकी डॉलर से अधिक की वृद्धि किए जाने के चलते ये फैसला लिया गया है. ये अतिरिक्त राशि किसी भी माध्यम से जमा की जा सकती है.
किन-किन तरीकों से कर सकते हैं जमा
क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/नेट बैंकिग का उपयोग करके https://hajcommittee.gov.in या हज सुविधा ऐप पर ई-भुगतान की सुविधा उपलब्ध है. प्रत्येक कवर संख्या के लिए कॉल साइट पर उपलब्ध बैंक संख्या का उपयोग करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी शाखा में हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में भुगतान जमा कर सकते हैं.
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