2021 में 5 विधानसभा चुनाव हुए थे, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, केरल, असम और पुडुचेरी. इस बार भी माहौल वही बना हुआ है. आज यानी 29 अप्रैल 2026 को बंगाल के दूसरे चरण के साथ मतदान खत्म हो जाएंगे और शाम 6 बजे के बाद सबकी निगाहें एग्जिट पोल पर टिक जाएंगी. ऐसे में यह भी जानना जरूरी है कि 2021 में एग्जिट पोल के नतीजे क्या रहे थे. किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं थीं और यह नतीजों से कितने अलग थे. एक हिंट देते हुए आगे बढ़ते हैं कि 2021 में एग्जिट पोल सिर्फ जीतने वाले का अंदाजा लगा पाए, तो कहीं वे पूरी तरह से दिशाहीन साबित हुए...
पश्चिम बंगाल: जब हर अनुमान गलत साबित हुआ
पश्चिम बंगाल 2021 के एग्जिट पोल की सबसे बड़ी विफलता थी. 294 सीटों वाली इस विधानसभा के लिए लगभग हर बड़ी एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी के बीच एक कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया था. ज्यादातर एग्जिट पोल ने TMC को बढ़त तो दी, लेकिन जीत का जो अंतर ममता बनर्जी को मिला, उसके आसपास भी नहीं पहुंचे.
'जन की बात' के एग्जिट पोल ने तो बीजेपी को 162 से 185 सीटें देकर स्पष्ट बहुमत का दावा कर दिया था. वहीं, 'एबीपी-सी वोटर' ने TMC के लिए 152 से 164 सीटों का अनुमान लगाया था. 'एक्सिस माय इंडिया' ने बेहद करीबी मुकाबला बताते हुए TMC के लिए 130-156 और BJP के लिए 134-160 सीटें आंकी थीं. TMC के पक्ष में सबसे अच्छा अनुमान लगाने वाली 'टुडेज चाणक्य' ने भी उसे 180 सीटों पर ही रोक दिया था.
लेकिन जब 2 मई 2021 को नतीजे आए, तो TMC ने प्रचंड बहुमत से 215 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया. बीजेपी महज 77 सीटों पर सिमट गई. एग्जिट पोल TMC की सीटों का अनुमान औसतन 61 सीट कम लगाने में चूक गए थे. यह अंतर 'साइलेंट वोटर' की वजह से आया, जिसमें खासकर महिलाओं और ग्रामीण मतदाताओं ने सर्वे में अपनी राय छुपाकर रखी थी.
तमिलनाडु: दिशा सही, गिनती में हेरा-फेरी
तमिलनाडु की 234 सीटों पर एग्जिट पोल ने दिशा एकदम सही पकड़ी. सभी ने एक स्वर में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले DMK गठबंधन की दस साल बाद जोरदार वापसी की भविष्यवाणी की थी. वह सही भी साबित हुई.
हालांकि, जब सीटों की सटीक संख्या की बात आई, तो एजेंसियां चूक गईं. 'एक्सिस माय इंडिया' ने DMK गठबंधन को 175 से 195 सीटें दे दी थीं. 'चाणक्य' ने 164 से 186 सीटों का अनुमान लगाया, लेकिन असल नतीजों में DMK गठबंधन 159 सीटें ही जीत पाया, जबकि AIADMK गठबंधन को 75 सीटें मिलीं. एग्जिट पोल ने DMK के प्रदर्शन को थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर और AIADMK की ताकत को कम करके आंका था.
केरल: इतिहास रचने का सही अनुमान, पर आंकड़ों में अंतर
केरल वह राज्य था जहां 40 साल से हर चुनाव में सत्ता बदलने की परंपरा थी, लेकिन 2021 के एग्जिट पोल ने सही ही भांप लिया था कि पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) इस बार इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटेगा.
यहां 140 सीटों के लिए अनुमानों में काफी अंतर था. 'एक्सिस माय इंडिया' ने LDF को 104 से 120 सीटें देकर बहुत बड़ी जीत का अनुमान लगाया. दूसरी ओर, 'सी-वोटर' ने कांटे की टक्कर बताते हुए कहा कि LDF को 71-77 और विपक्षी UDF को 62-68 सीटें मिलेंगी, जो पूरी तरह गलत साबित हुआ. असलियत में LDF ने 99 और UDF ने 41 सीटें जीतीं. 'टुडेज चाणक्य' का 93-111 सीटों का अनुमान इस बार सबसे सटीक रहा.
असम और पुडुचेरी: जहां अनुमान लगभग सही बैठे
इन दो राज्यों में 2021 के एग्जिट पोल बाकी जगहों के मुकाबले काफी हद तक सटीक साबित हुए:
2021 के एग्जिट पोल के ट्रेंड से क्या पता चलता है?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पिछले चुनावों का यह पूरा लेखा-जोखा एक साफ ट्रेंड दिखाता है कि एग्जिट पोल अक्सर 'हवा' की दिशा तो बता देते हैं, लेकिन 'रफ्तार' का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. ये अनुमान आमतौर पर यह बताने में सफल रहे कि कौन सी पार्टी या गठबंधन सरकार बनाएगा, जैसे DMK, LDF या NDA की जीत, लेकिन जीत के अंतर और सीटों की सटीक संख्या को भांपने में अक्सर चूक गए.
पश्चिम बंगाल इसका सबसे बड़ा सबूत है कि अगर मुकाबला कांटे का दिख भी रहा हो, तो भी नतीजा पूरी तरह से एकतरफा हो सकता है. यही वजह है कि 29 अप्रैल 2026 की शाम को पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल पर सबसे ज्यादा बारीकी से नजर रहेगी. हालांकि 2021 का इतिहास हमें पहले ही आगाह कर चुका है कि 4 मई की मतगणना से पहले कोई भी भविष्यवाणी पूरी तरह से पक्की नहीं मानी जा सकती.