IPL 2026 Hardik Pandya: आईपीएल 2026 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस को एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है. उसे अपने होमग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद ने बुरी तरह हरा दिया.
इस हार के बाद मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या बेहद भावुक नजर आए. उनके बयानों से ऐसा लगा कि उन्होंने लगभग स्वीकार कर लिया है कि उनकी टीम इस सीजन में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई है.
वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने रयान रिकेल्टन के शानदार शतक (55 गेंदों में 123 रन) की बदौलत 243/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया था. रिकेल्टन ने अपनी पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाकर कई रिकॉर्ड तोड़े. हालांकि, सनराइजर्स हैदराबाद ने इस पहाड़ जैसे लक्ष्य को महज 18.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 249 रन बनाकर हासिल कर लिया और 6 विकेट से जीत दर्ज की.
क्या ओस की वजह से हारी मुंबई इंडियंस?
मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने हार को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी टीम गेंदबाजी में अपनी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर पाई. उन्होंने स्पष्ट किया, ''मुझे नहीं लगता कि ओस ने कोई बड़ी भूमिका निभाई. हैदराबाद ने कुछ बेहतरीन शॉट्स खेले और हमने खराब गेंदें फेंकी. मैं 244 रनों का बचाव करने के लिए अपने गेंदबाजों का हमेशा समर्थन करूंगा, लेकिन आज हम मैदान पर सफल नहीं हो सके.''
क्या मौकों को गंवाना टीम पर भारी पड़ा?
सीजन के खराब प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए हार्दिक ने मौकों को भुनाने में नाकामी को बड़ी वजह बताया. उन्होंने कहा, ''यह सीजन हमारे लिए काफी कठिन रहा है. आपको जब मौके मिलते हैं, तो उन्हें पकड़ना होता है. अगर आप नहीं करते, तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. इस समय हमारे पास बहुत विकल्प नहीं बचे हैं. मैं अपने गेंदबाजों को इसका दोष नहीं दूंगा, लेकिन एक यूनिट के रूप में हम वह क्रिकेट नहीं खेल पाए जिसके लिए मुंबई इंडियंस जानी जाती है.''
क्या टीम में सुधार की कोई उम्मीद बाकी है?
निराशा के बीच हार्दिक ने टीम के सहयोगी स्टाफ और मालिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा, ''हमारे पास बहुत ही समर्पित मालिक और सहयोगी स्टाफ है. हम साथ मिलकर कुछ समाधान निकालने की कोशिश करेंगे ताकि अगले मैचों में प्रदर्शन बेहतर हो सके.'' इस हार के बाद मुंबई इंडियंस अंक तालिका में 9वें स्थान पर बनी हुई है और उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को करारा झटका लगा है. अब टीम को दौड़ में बने रहने के लिए अपने बाकी बचे सभी छह मैच जीतने होंगे और साथ ही यह दुआ करनी होगी कि दूसरी टीमों के नतीजे भी उनके समीकरण के अनुसार रहें.