चीन में सेल्फ-ड्राइविंग यानी रोबोटैक्सी तकनीक को भविष्य की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था माना जा रहा है, लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इस टेक्नोलॉजी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए. इसी वजह से सरकार ने फिलहाल इस सेक्टर पर ब्रेक लगा दिया है.
चीन सरकार ने बिना ड्राइवर वाली कारों यानी रोबोटैक्सी के लिए नए लाइसेंस जारी करना फिलहाल रोक दिया है. यह फैसला वुहान शहर में हुई एक बड़ी घटना के बाद लिया गया. दरअसल, 31 मार्च को एक ही समय पर 100 से ज्यादा रोबोटैक्सी अचानक सड़क के बीच में रुक गईं, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया और कई यात्री बीच रास्ते में फंस गए.
ये सभी गाड़ियां चीन की टेक कंपनी Baidu की Apollo Go सर्विस की थीं. शुरुआती जांच में इसे सिस्टम फॉल्ट माना गया है, हालांकि असली कारण अभी साफ नहीं हुआ है. इस घटना के बाद वुहान में इस सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और जांच अभी जारी है.
सरकार ने अब सभी स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी गाड़ियों की सुरक्षा की पूरी जांच करें और निगरानी बढ़ाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. इस रोक का असर यह होगा कि कंपनियां अब नई रोबोटैक्सी नहीं जोड़ पाएंगी, न नए शहरों में सेवा शुरू कर पाएंगी और न ही नए टेस्ट कर सकेंगी.
इस फैसले का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है और संबंधित कंपनियों के शेयर गिर गए हैं. इसके साथ ही, यह तेजी से बढ़ रही अरबों डॉलर की ऑटोनॉमस ड्राइ विंग इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह घटना एक चेतावनी है कि ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक अभी पूरी तरह से चलाने के लिए बेस्ट नहीं है. इसमें अभी और सुधार, टेस्टिंग और सेफ्टी की जरूरत है. इस फैसले का असर सिर्फ तकनीकी विकास पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्तर पर पड़ा है. इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयर में गिरावट देखने को मिली है. निवेशकों को भी इस घटना के बाद थोड़ा झटका लगा है, क्योंकि उन्हें इस तकनीक की सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी है.
-
अब E85 और E100 फ्यूल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन, क्यों है खास?