रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का आईपीएल में पहला खिताब जीतने का सपना पिछले सीजन में पिछले सीजन में पूरा हो गया. बेंगलुरु को ये खिताब जिताया टीम के नए कप्तान रजत पाटीदार ने, जिन्होंने IPL में लगातार अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया है. पाटीदार की कप्तानी और बल्लेबाजी का जलवा IPL 2026 में भी देखने को मिल रहा है, जहां RCB दूसरी टीमों के लिए और पाटीदार विरोधी गेंदबाजों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. बार-बार ये सवाल उठ रहे हैं कि पाटीदार की आखिर कमजोरी है क्या? मगर अब लगता है कि इसका खुलासा भी हो गया है.
IPL 2026 सीजन शुरू होने के साथ ही बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार का बल्ला जमकर आग उगलता दिखा है. उन्होंने बहुत बड़े स्कोर तो नहीं बनाए हैं लेकिन टीम की जरूरत के हिसाब से कई छोटी और तूफानी पारियां खेली हैं. खास तौर पर कई मुकाबलों में तो उन्होंने आते ही पहली या दूसरी गेंद पर ही छक्का जमाकर अपना खाता खोला और फिर 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बटोरते हुए टीम की जीत में योगदान दिया.
पाटीदार की बैटिंग की खासियत ये रही है कि वो स्पिनर्स के खिलाफ तो बहुत खतरनाक हैं ही लेकिन साथ ही तेज गेंदबाजों को भी बाउंड्री के पार भेजते रहे हैं. ऐसे में अक्सर ये सवाल उठता रहता है कि उनके खिलाफ कैसे गेंदबाज का इस्तेमाल किया जाए. मगर अब लगता है कि पाटीदार के तूफान को रोकने का तोड़ मिल गया है. आंकड़े बताते हैं कि बेंगलुरु के कप्तान पाटीदार अक्सर बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करते हैं.
अपने IPL करियर में पाटीदार ने बाएं हाथ के पेसर्स की 113 गेंदों का सामना किया है. इस दौरान वो 9 बार इन गेंदबाजों का शिकार बने हैं. गुजरात टाइटंस के खिलाफ भी ऐसा ही हुआ, जब बाएं हाथ के पेसर अरशद खान ने ही रजत पाटीदार का विकेट हासिल किया था. हालांकि, पाटीदार ने बाएं हाथ के पेसर्स के खिलाफ रन भी तेजी से बटोरे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, पाटीदार ने इन 113 गेंदों में 164 रन बनाए हैं. यानि उनका स्ट्राइक रेट 145 का है, जो दमदार है.