आम आदमी पार्टी से भाजपा में जाना राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को खासा महंगा पड़ गया। पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ 2 एफआईआर दर्ज की है। अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने भी पहुंची थी लेकिन वे पीछे के रास्ते से निकल गए।
मीडिया खबरों के अनुसार, इनमें से एक मामला करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित है। इन मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगाए जाने की बात सामने आ रही है।
डॉ. संदीप पाठक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि उन्हें किसी भी एफआईआर की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि न तो किसी पुलिस एजेंसी ने उनसे संपर्क किया है और न ही उन्हें किसी कार्रवाई की सूचना मिली है।
उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल 2026 को डॉ. संदीप पाठक ने राघव चड्ढा के साथ भाजपा का दामन थामा था। उनके साथ आप के 11 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ी थी, जिससे प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया।
कौन हैं संदीप पाठक46 वर्षीय संदीप पाठक राज्यसभा सांसद हैं। वे आईआईटी दिल्ली के पूर्व सहायक प्रोफेसर रह चुके हैं। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की बड़ी जीत के पीछे उन्हें मुख्य रणनीतिकार माना जाता है।
पाठक का राजनीतिक करियरसंदीप पाठक को मार्च 2022 को गुजरात में आम आदमी पार्टी का प्रभारी और पंजाब में सह-प्रभारी नियुक्त किया गया। पंजाब में 2022 के चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने वाले पाठक को पार्टी ने अप्रैल 2022 में राज्यसभा भेजा। जून 2022 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया। कुछ दिनों पहले ही वे आप छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।
edited by : Nrapendra Gupta