ना जनरेटर, ना लाइट का इंतजाम… डॉक्टर ने मोबाइल टाॅर्च की रोशनी में कराई डिलीवरी… मां-बच्चे की गई जान
TV9 Bharatvarsh May 05, 2026 01:43 AM

Jharkhand Health Negligence: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. आरोप है कि जिले के राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान बिजली गुल हो जाने के बाद मोबाइल फोन की रोशनी में डिलीवरी कराने की कोशिश की गई, जिससे मां और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद गुस्साए परिजन ने लापरवाही डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस घटना पर दुख जताया है.

जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान हाथीसिरिंग गांव की रहने वाली बिनीता बानरा के रूप में हुई है. वह स्वास्थ्य सहिया थी. परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान अस्पताल की बिजली गुल हो गई और कोई पावर बैकअप नहीं था. डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मोबाइल फोन की रोशनी में डिलीवरी कराने की कोशिश की. प्रसूता की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन न तो उसे सही इलाज दिया गया और न ही समय रहते दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया.

लापरवही से नवजात बच्चे और मां की मौत

आखिर में महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई. यह घटना राजनीतिक तूल पकड़ती नजर आ रही है. झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने राज्य सरकार को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद ही अस्वस्थ है. जब से कांग्रेस के समर्थन से झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार बनी है राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

ये भी पढ़ें: बरेली में अचानक भरभराकर गिरी पानी की टंकी मलबे में दबे कई लोग, तीन की हालत नाजुक

स्वास्थ्य मंत्री ने जारी की प्रेस रिलीज

साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, कभी खटिया पर मरीज को लेकर जा रहे हैं तो कभी एंबुलेंस नहीं मिलने पर झोले में मृत बच्चे के शव को घर ले जाने के लिए विवश है. इस पूरे मामले पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा है कि सरायकेला के राजनगर अस्पताल में टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन किए जाने की शर्मनाक और अत्यंत गंभीर घटना पर कड़ा संज्ञान लिया गया है.

प्रभारी चिकित्सक सस्पेंड के निर्देश

यह न केवल चिकित्सा व्यवस्था की बड़ी विफलता है, बल्कि मानवता को झकझोर देने वाली लापरवाही भी है. इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बिना किसी ढिलाई के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें. सिविल सर्जन को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.