बिहार में सोमवार देर रात आए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने काफी तबाही मचाई है. तेज हवाओं, लगातार बारिश और ब्रजपात (आकाशीय बिजली) की घटनाओं ने कई जिलों को प्रभावित किया है. राज्य भर में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं. सबसे ज्यादा असर पूर्वी चंपारण जिले में देखने को मिला, जहां 6 लोगों की जान चली गई.
पूर्वी चंपारण में कई स्थानों पर ब्रजपात की चपेट में आने से करीब 10 घरों में आग लग गई, जिससे लोगों का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया. आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
टेंपो पर गिरा पेड़इसी बीच एक दर्दनाक हादसा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रूपडीह गांव के पास हुआ. बारिश और तेज तूफान से बचने के लिए एक टेम्पो चालक ने वाहन को सड़क किनारे एक बड़े पेड़ के नीचे रोक दिया. लेकिन तेज हवाओं के चलते वह विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा और सीधे टेम्पो पर आ गिरा. इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.
वहीं, सुगौली थाना क्षेत्र के छपराबहास और कैथवलिया गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. मृतकों की पहचान 8 वर्षीय अंशु कुमारी और 15 वर्षीय सन्नी देवल कुमार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ये बच्चे खेत में खेल रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरने से वे इसकी चपेट में आ गए. घायल मंतोष कुमार का इलाज चल रहा है.
इसके अलावा रामगढ़वा थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया है. लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है.
गांववालों में आक्रोशप्राकृतिक आपदा के इस दौर में आगजनी और धुएं के कारण कई इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. दमकल की गाड़ियां देर से पहुंचने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर राहत और बचाव कार्य शुरू होता, तो नुकसान को कम किया जा सकता था. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है.
गयाजी में चार लोगों की मौतगयाजी में आंधी-तूफान के चलते चार लोगों की जान चली गई, जबकि औरंगाबाद में तीन लोगों की मौत की खबर है. मौसम विभाग ने पहले ही पटना समेत आसपास के इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ.
इन घटनाओं पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद समय है और राज्य सरकार इस आपदा की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता मिल सके.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें. उन्होंने खासतौर पर आकाशीय बिजली से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.