AI Chatbot Subscription Scam: डिजिटल सर्विसेज़ के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब धोखाधड़ी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं. हाल ही में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां AI चैटबॉट की सब्सक्रिप्शन लेने के बाद यूजर्स के अकाउंट से बिना अनुमति के पैसे कटने लगे. खास बात यह है कि ये ट्रांजैक्शन गिफ्ट कार्ड के नाम पर किए जाते हैं जिससे लोगों को शुरुआत में शक भी नहीं होता.
इस ठगी का तरीका काफी चालाकी भरा है. यूजर पहले किसी AI चैटबॉट की सब्सक्रिप्शन लेता है और सामान्य तरीके से उसका इस्तेमाल करता रहता है. कुछ समय बाद, उसी अकाउंट से जुड़े पेमेंट मेथड का इस्तेमाल करके गिफ्ट कार्ड खरीदे जाने लगते हैं वो भी बिना यूजर की जानकारी के.
ये ट्रांजैक्शन बैंक स्टेटमेंट में असली सर्विस के नाम से ही दिखते हैं, जिससे यह बिल्कुल वैध लगते हैं. कई बार यूजर को ईमेल भी मिलता है कि उसने किसी को गिफ्ट भेजा है जिससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह स्कैम टेलीकॉम कंपनियों द्वारा ऑफिशियल ऐप में दिए जाने वाले असली गिफ्ट ऑफर्स से अलग होता है जहां यूजर खुद ऑफर क्लेम करता है.
इस तरह के फ्रॉड को पहचानना आसान नहीं होता. क्योंकि चार्जेस सामान्य सब्सक्रिप्शन या एक्स्ट्रा फीचर्स जैसे ही दिखते हैं इसलिए ज्यादातर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. साथ ही, पेमेंट प्रोसेस किसी असली प्लेटफॉर्म के जरिए होता है, जिससे बैंक भी तुरंत इसे संदिग्ध नहीं मानते. कई मामलों में गिफ्ट कार्ड यूजर के ही ईमेल पर भेजे जाते हैं जिससे यह शक होता है कि या तो ईमेल एक्सेस हो गया है या सिस्टम की किसी कमजोरी का फायदा उठाया जा रहा है.
इस स्कैम में नुकसान धीरे-धीरे बढ़ता है. कभी छोटे-छोटे अमाउंट बार-बार कटते हैं, तो कभी एक साथ बड़ी रकम भी निकल सकती है. कई यूजर्स ने रिपोर्ट किया है कि उनके अकाउंट से हजारों रुपये कट गए तब जाकर उन्हें शक हुआ. हालांकि बाद में रिफंड मिल सकता है लेकिन इसमें समय लगता है और बैंक व सर्विस प्रोवाइडर दोनों से संपर्क करना पड़ता है.
अगर आपको कोई भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत एक्शन लें. सबसे पहले संबंधित सर्विस के सपोर्ट से संपर्क करें और अनधिकृत सब्सक्रिप्शन को बंद करवाएं. इसके साथ ही अपने बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को सूचना दें और चार्जबैक के लिए अनुरोध करें. सुरक्षा के लिए बैंक आपका कार्ड ब्लॉक करके नया कार्ड भी जारी कर सकता है. साथ ही अपने सभी जरूरी अकाउंट्स, खासकर ईमेल और संबंधित सर्विस का पासवर्ड तुरंत बदलें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर चालू करें.
AI सर्विस देने वाली कंपनियां अब इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नए सिक्योरिटी फीचर्स जोड़ रही हैं. इसमें संदिग्ध ट्रांजैक्शन को पहचानना और ऑटोमैटिक तरीके से ऐसे सब्सक्रिप्शन को बंद करना शामिल है. हालांकि कंपनियों का कहना है कि उनके सिस्टम से सीधे पेमेंट डिटेल लीक होने का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है.
AI चैटबॉट्स आज हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन इनके साथ जुड़ी नई तरह की ठगी से बचना भी उतना ही जरूरी है. नियमित रूप से अपने बैंक स्टेटमेंट चेक करें और किसी भी अनजान ट्रांजैक्शन को नजरअंदाज न करें यही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है.
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