CSK के खिलाफ मुकाबला गंवाने के बाद दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमांग बदानी का दर्द छिपाए नहीं छिपा. पिच को लेकर दिल में दबी उनकी भड़ास जुबां पर आ ही गई. कहने को अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली कैपिटल्स का होम ग्राउंड है. लेकिन, जब IPL 2026 में अक्षर पटेल की टीम के इस मैदान पर आंकड़े देखेंगे तो पता चलेगा कि होम ग्राउंड तो बस नाम का ही है. अपने मैदान की पिच को हर घरेलू टीम अपनी ताकत के अनुसार ढालती है. लेकिन, अरुण जेटली की पिच के आंकड़े देख लगता है जैसे वो विरोधी टीमों के जीतने के लिए ही बनाई जाती है.
दिल्ली कैपिटल्स ने घर में खेले 5 में से 4 मैच गंवाएदिल्ली कैपिटल्स मे IPL 2026 में अब तक 10 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से सिर्फ 4 ही उसने जीते हैं. यानी 6 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. अब जरा अपने होम ग्राउंड की पिच पर दिल्ली कैपिटल्स का रिकॉर्ड देखिए. अरुण जेटली स्टेडियम पर इस सीजन दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से 4 में उसे हार का सामना करना पड़ा है. यानी देखा जाए तो बाहर के मुकाबले घर में हालत और भी ज्यादा खराब है. दिल्ली कैपिटल्स ने घर से बाहर कम से कम 3 मुकाबले तो 5 मैचों में जीते हैं.
पिच पर हमारा कंट्रोल नहीं- हेमांग बदानीघरेलू मैदान पर टीम की इसी बदहाल स्थिति से तंग आकर दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमांग बदानी ने CSK से हार के बाद सारी सच्चाई बयां कर दी. उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि पिच पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं.
हेमांग बदानी ने कहा कि दिल्ली में पिच पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं है. भले ही हम ये सोचना चाहें कि जिस पिच पर हम खेलना चाहते हैं उस पर हमारा कंट्रोल है, तो ऐसा नहीं है. हमें उसी पिच पर खेलना होता है है, जो हमें उपलब्ध कराया जाता है.
दिल्ली की पिच का हर मैच में बदला मिजाज🔴SHOCKING STATEMENT BY DC HEAD COACH ON DELHI PITCH 🤯
Hemang Badani🎙️- We dont have any control over the pitch in Delhi. As much as one would like to think that were in control of the pitches we want to play on, you play what is presented to you.😕pic.twitter.com/eEz4jlzoMC
— Sam (@Cricsam01)
दिल्ली की पिच पर खेले 5 मुकाबलों में बने रनों के अंतर के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. IPL 2026 में दिल्ली की पिच पर 2 मैचों में स्कोर बोर्ड ने 200 प्लस रन का आंकड़ा पार किया. यहां तक कि 264 रन का विशाल स्कोर भी दिल्ली की ग्राउंड पर चेज होता दिखा. अब एक ओर जहां ये सब देखकर लगता है कि दिल्ली की पिच रनों से भरी है और बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है. वहीं दूसरी ओर दिल्ली के ही ग्राउंड पर इस सीजन में 75 रन जैसा छोटा टोटल भी बनता दिखा. पिच में दिखे इन्ही वैरिएशन और उसके उल्टे परिणामों ने दिल्ली कैपिटल्स के कोच को उसके खिलाफ आवाज उठाने को आखिरकार मजबूर किया.