चंडीगढ़: प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ का वैश्विक दौरा 'ऑरा 2026' खालिस्तानी चरमपंथियों के निशाने पर आ गया है। आतंकवादी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कलाकार को सीधी धमकी दी है। एक वीडियो में पन्नू ने कहा कि कनाडा में विरोध के बाद, अब उन्हें अमेरिका में अपने आगामी कार्यक्रमों के दौरान और भी तीव्र विरोध का सामना करना पड़ेगा। यह विवाद तब बढ़ा जब दोसांझ ने वैंकूवर और कैलगरी में लाइव कंसर्ट के दौरान खालिस्तान समर्थकों का सामना किया, जिन्होंने उनके शो में बाधा डालने की कोशिश की।
दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानी पोस्टर दिखाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पन्नू ने उनके देशभक्ति नारे 'मेरा भारत महान' और अमिताभ बच्चन के प्रति उनके सम्मान पर आपत्ति जताई। उन्होंने दोसांझ को 'भारतीय दोसांझ' कहकर संबोधित किया और कहा कि उनका जमीर उस दिन मर गया जब उन्होंने बच्चन का सम्मान किया। 30 अप्रैल को कैलगरी शो के दौरान, दोसांझ ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह अपने कंसर्ट का माहौल खराब करने वाले किसी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दिलजीत ने स्पष्ट किया कि हंगामा करने वालों को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया जाएगा। पन्नू ने इस पर चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारी जल्द ही 'लाठियां' लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि दोसांझ का 'अहंकार' अंततः पश्चिमी देशों में बसे भारतीयों के बीच उनके पतन का कारण बनेगा। दोसांझ ने कहा कि उन्होंने पंजाब के मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग किया है। उन्होंने अपने आलोचकों को याद दिलाया कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरा रद्द कर पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए समय बिताया।
गायक ने कहा कि वह पंजाब के कल्याण के लिए बोलते हैं और अपनी राष्ट्रीय पहचान पर गर्व करते हैं। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों से नहीं डरेंगे जो उनके कार्यक्रमों में खलल डालना चाहते हैं। यह विवाद 23 अप्रैल को वैंकूवर में शुरू हुआ, जब सुरक्षाकर्मियों को प्रदर्शनकारियों के एक समूह को बाहर निकालना पड़ा। तब से खालिस्तान समर्थक तत्वों ने दोसांझ को भारत सरकार और आरएसएस-भाजपा का समर्थक करार दिया है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं, क्योंकि गायक अमेरिका में अपने आगामी दौरे की तैयारी कर रहे हैं।