हिमाचली खबर: Shami Plant Importance In Vastu Shastra: शनि जयंती कुछ ही दिनों में आने वाला हैं। सनातन धर्म में शनि जयंती का बड़ा महत्व हैं। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में शमी के पौधे को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है। शमी के पौधे
का संबंध कर्मफल दाता शनिदेव से है। इसलिए इस पौधे के घर में होने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का अशुभ प्रभाव दूर होता है।
साथ ही शनिदेव की अपार कृपा बरसती है। इस पौधे को लगाने का शुभ फल तभी मिलेगा, जब इसे वास्तु के अनुसार लगाया जाए।
किस दिशा में लगाना चाहिए शमी का पौधा?ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप शमी का पौधा छत या बालकनी में लगा रहे हैं, तो इसे दक्षिण दिशा में लगाएं। वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा को शनिदेव की मानी जाती है। इसके अलावा इस पौधे को पूर्व दिशा या ईशान दिशा में भी लगा सकते हैं।
किस दिन लगाना होता है शुभ?वास्तु शास्त्र विशेषज्ञों का कहना है कि, शमी का पौधा लगाने के लिए शनिवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन शनिदेव को समर्पित है।
शमी के पौधे से जुड़े जरूरी नियमबेहद पवित्र माना जाता है। इसलिए इस पौधे के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके पास झाड़ू, जूतेचप्पल भूलकर भी न रखें।
ऐसा माना जाता है कि इस तरह की गलती को करने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं। साथ ही परिवार के सदस्यों को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शनिवार के दिन शमी के पौधे की पूजाअर्चना करने का विशेष महत्व है। इसलिए इस दिन शाम को पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही बरसती है।
सोमवार के दिन पूजाअर्चना करते समय शिव जी को शमी के पत्ते अर्पित करें। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
अगर आप शमी का पौधा घर के मेन गेट पर लगा रहे हैं, तो इसे इस तरह रखें कि घर से बाहर निकलते समय पौधा दाहिने हाथ की ओर हो।
शमी के पौधे को तुलसी के पास नहीं लगाना चाहिए। थोड़ी दूरी पर शमी का पौधा लगाएं।