Vrishabha Sankranti 2026 Date: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है. सूर्य देव एक निश्चित समय पर एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं. जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तब संक्रांंति का पर्व मनाया जाता है. अभी सूर्य मंगल की राशि मेष में गोचर कर रहे हैं. जल्द ही वो शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने वाले हैं. सूर्य के वृषभ राशि में गोचर करते ही वृषभ संक्रांति होगी. वृषभ संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा बड़ी लाभकारी मानी गई है.
मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में उन्नति और सफलता मिलती है. सूर्य देव की कृपा से जीवन सुखमय हो जाता है. इस साल वृषभ संक्रांति पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. ऐसे शुभ मौके पर सूर्य देव को सूर्योदय के समय अर्घ्य देने और प्रभावशाली सूर्य मंत्रों का जाप करने से व्यक्तित्व में निखार आता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल वृषभ संक्रांति कब मनाई जाने वाली है? साथ ही जानते हैं इसके पुण्य और महा पुण्यकाल का समय.
कब है वृषभ संक्रांति? (Vrishabha Sankranti 2026 Kab Hai)पंचांग के अनुसार, इस साल 15 मई 2026 दिन शुक्रवार को 06 बजकर 28 मिनट सूर्य देव वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. इस तरह वृषभ संक्रांति 15 मई 2026 को मनाई जाएगी.
वृषभ संक्रांति पुण्य और महापुण्य काल (Vrishabha Sankranti 2026 Punya And Maha Punya Kaal Time)वृषभ संक्रांति के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 05 बजकर 30 मिनट से प्रारंभ होगा और रात 08 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इस योग में किए गए हर कार्य में सफलता मिलती है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.