लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन में बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ‘कॉप ऑफ द मंथ’ पहल के तहत मई-2026 के उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। शनिवार को पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद ने जोन दक्षिणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षकों को सम्मानित किया।
दक्षिणी जोन में मई माह के प्रदर्शन के आधार पर थाना कृष्णानगर के प्रभारी निरीक्षक प्रद्युम्न कुमार सिंह ने कुल 1046 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया और ‘कॉप ऑफ द मंथ’ का खिताब अपने नाम किया। वहीं थाना गोसाईगंज के प्रभारी निरीक्षक डी.के. सिंह 958 अंकों के साथ दूसरे तथा थाना मोहनलालगंज के प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी 892 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
13 मई से लागू हुआ ऑब्जेक्टिव इवेल्यूएशन सिस्टमदक्षिणी जोन में 13 मई 2026 से थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षकों के कार्यों के मूल्यांकन के लिए ऑब्जेक्टिव इवेल्यूएशन सिस्टम लागू किया गया है। इस प्रणाली के तहत विभिन्न पुलिस कार्यों के लिए अंक निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य पुलिसिंग में प्रोफेशनलिज्म बढ़ाना, लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करना तथा पुलिसकर्मियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करना है।
इस व्यवस्था के अंतर्गत गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी, साइबर अपराधों में कार्रवाई, आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, थाना दिवस और तहसील दिवस पर प्राप्त शिकायतों के समाधान समेत विभिन्न कार्यों के लिए अंक निर्धारित किए गए हैं।
कृष्णानगर पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों ने दिलाया पहला स्थानप्रभारी निरीक्षक प्रद्युम्न कुमार सिंह के नेतृत्व में कृष्णानगर पुलिस ने मई माह में कई उल्लेखनीय कार्रवाई कीं। पुलिस ने तीन आरोपितों के विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई की, एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया तथा ऑपरेशन किरण के तहत तीन परिवारों के बीच समझौता कराया।
इसके अलावा पुलिस ने अंतरराज्यीय लूट और छिनैती गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया तथा पांच अन्य शातिर अपराधियों को दबोचा। पुलिस ने भारी मात्रा में लूट का माल बरामद किया। साथ ही अंतरजनपदीय टप्पेबाजी गिरोह का खुलासा कर लगभग छह लाख रुपये की बरामदगी की और क्षेत्र में चार नए सीसीटीवी कैमरे लगवाए।
गोसाईगंज और मोहनलालगंज थाना भी रहे अव्वलगोसाईगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, एक वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी, छह चार्जशीट/फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने, 13 शिकायतों के निस्तारण तथा ऑपरेशन किरण के तहत 19 परिवारों के विवाद सुलझाने जैसे कार्य किए।वहीं मोहनलालगंज पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई, एक वांछित की गिरफ्तारी, दो नाबालिग लड़कियों की सकुशल बरामदगी, 24 शिकायतों का निस्तारण तथा चार परिवारों के बीच समझौता कराकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
सर्किल स्तर पर भी चुने गए सर्वश्रेष्ठ उपनिरीक्षकसर्किल मोहनलालगंज में उपनिरीक्षक आशीष कुमार, चौकी प्रभारी भागूखेड़ा, ने 952 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 19 व्यक्तियों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई, 217 मोटर वाहन अधिनियम के चालान, 22 पुलिस एक्ट चालान, 349 रात्रि चेकिंग और तीन एसआईडी जनरेट कर एफआईआर से लिंक करने जैसी कार्रवाई की।सर्किल गोसाईगंज में उपनिरीक्षक लाल सिंह, सीसी टीम प्रभारी, 624 अंकों के साथ प्रथम रहे। उन्होंने 264 मोटर वाहन अधिनियम की कार्रवाई, 65 रात्रि चेकिंग और तीन एसआईडी जनरेट कर एफआईआर से लिंक करने का कार्य किया।
सर्किल कृष्णानगर में उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर सिंह, सीसी टीम प्रभारी, ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1935 अंक अर्जित किए। उन्होंने 13 निवारक कार्रवाइयां, 591 मोटर वाहन अधिनियम चालान, 72 पुलिस एक्ट चालान, 534 रात्रि चेकिंग और एक एसआईडी जनरेट कर एफआईआर से लिंक करने का कार्य किया।
मई माह में दक्षिणी जोन की बड़ी उपलब्धियांदक्षिणी जोन पुलिस ने मई माह में कुल 11 अभियुक्तों के विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई की, एक गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया और तीन एनबीडब्ल्यू अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 40 चार्जशीट/फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गईं तथा चार नए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए।ऑपरेशन किरण के तहत 45 परिवारों के विवाद सुलझाकर उन्हें टूटने से बचाया गया, जबकि थाना दिवस और तहसील दिवस पर प्राप्त 42 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
ऑपरेशन क्लीन और साइबर सेल की भी बड़ी सफलतामई माह में चलाए गए ऑपरेशन क्लीन-2 के तहत दक्षिणी जोन में 89 माल मुकदमाती और सीज वाहनों का निस्तारण किया गया।वहीं ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत सरोजनीनगर थाने के एक मामले में अभियुक्त को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई।साइबर सेल की टीम ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से विभिन्न जनपदों और राज्यों से 54 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई गई है।दक्षिणी जोन पुलिस का कहना है कि इस मूल्यांकन प्रणाली से पुलिसकर्मियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिससे अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।