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ममता बनर्जी पर सबकी निगाहेंतृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को ही दिल्ली पहुंच गई थीं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद वह लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर बगावत की खबरें भी सामने आईं, जहां कई विधायकों ने अलग नेता प्रतिपक्ष चुन लिया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ममता बनर्जी ने 2029 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट विपक्षी मोर्चा बनाने पर जोर दिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सहयोगी दलों के बीच उभरे मतभेदों को दूर करना और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर साझा रणनीति तैयार करना था। हाल के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को मिले झटकों के बाद यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डीएमके और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) इस बैठक में शामिल नहीं हुईं। डीएमके ने पहले ही कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में टीवीके (TVK) के साथ चुनाव बाद गठबंधन किए जाने पर नाराजगी जताते हुए बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया था।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक के बाद ही एजेंडे की पूरी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कथित दबाव और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। वेणुगोपाल ने कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने के आरोप लग रहे हैं और छात्रों से जुड़े कई मुद्दे सामने हैं, उन सभी विषयों पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने विस्तार से चर्चा की है। Edited by : Sudhir Sharma