कांग्रेस-TMC का विलय होगा या नहीं, आ गया दोनों पार्टियों का जवाब, जानें क्या कहा?
एबीपी लाइव June 11, 2026 06:42 PM

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विलय की बातें बेबुनियाद हैं और दोनों पार्टियों के विलय का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हालांकि दोनों पार्टियों ने संभावित गठबंधन के लिए दरवाजे खुले रखे हैं और आपसी राजनीतिक हितों के मुद्दों पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स ने TMC सूत्रों के हवाले से कहा है कि राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी ने अपनी पार्टियों के बीच तालमेल को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की है. दोनों नेता हैदराबाद में INDIA गठबंधन की अगली बैठक करने पर सहमत हुए हैं. मर्जर की बातें सच नहीं हैं, हालांकि गठबंधन के लिए दरवाजे खुले हैं, वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर इन खबरों को गलत बताते हुए कहा कि ये खबरें सच नहीं हैं.

दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की TMC प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद संभावित विलय की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है. TMC अभी अंदरूनी संकट से जूझ रही है और उसके 58 विधायक खुलकर पार्टी के ख़िलाफ बगावत कर रहे हैं. पार्टी के राज्यसभा सांसद भी टीएमसी से नाखुश नजर आ रहे हैं. TMC को एक और बड़ा झटका तब लगा, जब राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया.

बागी नेताओं की स्पीकर से मांग
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा और TMC की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है. बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि 20 सांसदों के एक गुट ने लोकसभा स्पीकर से बैठने की अलग व्यवस्था करने का औपचारिक अनुरोध किया है. उन्होंने ANI को बताया कि हम 20 सांसद हैं जिन्होंने स्पीकर से अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है और हम पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेंगे.

'बागी विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64' 
इस बीच बागी TMC नेता रितब्रता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस पर अपना दावा जताते हुए कहा कि बागी गुट ही असली TMC है. उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी पार्टी (कांग्रेस) में विलय करने की कोई योजना नहीं है. रितब्रता ने दावा किया है कि बागी गुट के विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो गई है. उन्होंने कहा कि बागियों को पार्टी के ज़्यादातर विधायकों और बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन हासिल है और वे तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले ही काम करना जारी रखेंगे.

 

पश्चिम बंगाल में नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा, स्वप्न दास को वित्त, जानें किसे क्या मिला?

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.