जिस दोस्त ने मुसीबत में मदद की, उसी की कर दी हत्या…लाश को कार में लेकर घूमता रहा; जयपुर के कातिल CA की कहानी
TV9 Bharatvarsh June 16, 2026 01:43 PM

Jaipur Murder Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. यहां करीब एक करोड़ रुपये की उधारी चुकाने से बचने के लिए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने अपने व्यापारी दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी ने पहले अपने दोस्त को रुपये लौटाने के बहाने बुलाया और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी जान ले ली. हत्या के बाद उसने शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर अपने घर के पास चारे के ढेर में छिपा दिया.

पुलिस के अनुसार, मृतक हरिशंकर 13 जून की शाम से लापता थे. उनके भाई प्रहलाद शर्मा ने 14 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हरिशंकर की हत्या उसी दिन कर दी गई थी, जिस दिन वह लापता हुए थे. हत्या के बाद आरोपी सीताराम शर्मा ने लोगों को गुमराह करने के लिए अपने मोबाइल पर हरिशंकर के लापता होने का वाट्सऐप स्टेटस भी लगाया. गांव के लोगों को लगा कि वह अपने दोस्त की गुमशुदगी से चिंतित है, जबकि वास्तविकता यह थी कि उसी ने हत्या को अंजाम दिया था.

कार में लाश लेकर घूमता रहा

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने 14 जून को एक अन्य दोस्त से जरूरी काम का बहाना बनाकर कार ली. इसके बाद उसने शव को कार की डिक्की में रखा और पूरी रात उसे ठिकाने लगाने के लिए इधर-उधर घूमता रहा. जब वह शव को ठिकाने लगाने में सफल नहीं हुआ तो 15 जून की तड़के करीब चार बजे उसने एक और दोस्त को मदद के लिए बुलाया. आरोपी ने उसे 10 लाख रुपये देने का लालच भी दिया, लेकिन दोस्त ने हत्या में सहयोग करने के बजाय तुरंत शिवदासपुरा पुलिस को सूचना दे दी.

सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसके कब्जे से 6.50 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जबकि शव ले जाने में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है.

क्या बोले अधिकारी?

डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सीताराम विधानी का रहने वाला है और सांगानेर स्थित टोंक रोड पर उसका कार्यालय है. मृतक हरिशंकर भी उसी क्षेत्र के निवासी थे और प्रॉपर्टी कारोबार के साथ बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का व्यवसाय करते थे.

जांच में पता चला है कि सीताराम एक हॉस्टल का निर्माण करवा रहा था. इस दौरान उसने हरिशंकर से 50 लाख रुपये नकद उधार लिए थे. इसके अलावा निर्माण सामग्री भी उधार ली थी, जिससे कुल बकाया रकम करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी. जब हरिशंकर ने अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और आरोपी ने हत्या की साजिश रच डाली.

हरिशंकर की पत्नी का वर्ष 2017 में सड़क दुर्घटना में निधन हो चुका था. उनके पीछे तीन नाबालिग बेटियां हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

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