कौन हैं फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इतिहास रचने वाले सरप्रीत सिंह? पिता चलाते हैं किराने की दुकान
Navbharat Times June 16, 2026 05:42 PM
नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में न्यूजीलैंड की ओर से खेल रहे सरप्रीत सिंह सुर्खियों में छा गए हैं। वह फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े मंच के मौजूदा संस्करण में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 16 जून को इरान के खिलाफ न्यूजीलैंड ने उन्हें अपनी शुरुआती इलेवन में शामिल किया था। मिडफील्ड पॉजीशन पर उन्होंने 90 मिनट तक मैदान पर पसीना बहाया लेकिन दूसरे के बाद एक्सट्रा टाइम में उन्हें रणनीति के चलते स्ट्राइकर जेसी रैंडल से सब्सटीट्यूट कर दिया गया। आइए जानते हैं कि सरप्रीत सिंह ने फीफा वर्ल्ड कप तक का सफर कैसे तय किया है।
कौन हैं सरप्रीत सिंह?20 फरवरी 1999 को ऑकलैंड में जन्में सरप्रीत सिंह का ताल्लुक पंजाब के जलंधर शहर से है। उनके माता-पिता भारत से न्यूजीलैंड गए थे। उनका परिवार ऑकलैंड में किराने की दुकान चलाता है। सरप्रीत को बचपन से ही फुटबॉल देखने और खेलने का शौक था। सिर्फ 7 साल की उम्र में वे ऑकलैंड में 'विन्स विंटन रूफर सॉकर अकादमी' में शामिल हुए और बाद में 2015 में 'वेलिंगटन फीनिक्स अकादमी'चले गए।
इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए U-17 ओशिनिया कप और U-20 वर्ल्ड कप में प्रतिनिधित्व किया। साल 2020 में, सरप्रीत ने FC नूर्नबर्ग के साथ एक सीजन के लिए लोन डील साइन की थी। अब फीफा वर्ल्ड कप का हिस्सा बनकर उन्होंने इतिहास रच दिया है।
साल 2018 में भारत के खिलाफ खेलेसरप्रीत सिंह से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा ये भी है कि साल 2018 में इंटर कॉन्टिनेंटल कप में वे भारत के खिलाफ मैदान पर उतरे थे। न्यूजलैंड की 2-1 से जीत में उन्होंने दोनों गोल में असिस्ट कर खास भूमिका निभाई थी। मैच के बाद उन्होंने बयान देते हुए कहा कि 'सिंह' होने के नाते भारत के खिलाफ खेलना एक अलग अनुभव है।
ईरान बनाम न्यूजीलैंड मैच का हालअंत में बात की जाए मैच की तो ईरान बनाम न्यूजीलैंड मुकाबला 2-2 की स्कोर लाइन के साथ ड्रॉ रहा। न्यूजीलैंड के एलिजाह जस्ट ने 7वें मिनट में पहला गोल किया था। फिर 32वें मिनट में रामिन रेज़ाइयान की ओर से पलटवार किया गया। एलिजाह ने दोबारा न्यूजीलैंड की वापसी करवाते हुए 55वें मिनट में गोल दाग दिया। अंत में मोहम्मद मोहेबी ने 64वें मिनट में स्कोर को बराबर कर दिया।