कर्नाटक: किसी को उल्टी-किसी को दस्त…मंगलुरु में दूषित पानी पीने से 100 से अधिक बीमार, निगम की कार्यशैली से आक्रोश
TV9 Bharatvarsh June 18, 2026 03:43 PM

कर्नाटक के मंगलुरु शहर में दूषित पानी पीने से 100 से अधिक परिवारों के सदस्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की अनदेखी की वजह से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. मंगलुरु के बिजई न्यूरोड और बट्टागुड्डे इलाके में बीते तीन से चार सप्ताह से घरों में आने वाले नलों के पानी में गंदगी आ रहा है. इस पानी का उपयोग करने वाले बुजुर्गों और बच्चों में उल्टी-दस्त, पेट दर्द और अन्य संक्रमण संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं. शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य मौसमी संक्रमण समझा, लेकिन जब पूरे इलाके में एक जैसी शिकायतें सामने आने लगीं तो स्थिति की गंभीरता का पता चला.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवारों के सदस्य लगातार बीमार पड़ रहे हैं. अनेक लोगों ने एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन भी किया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं हुआ. इससे इलाके में चिंता और भय का माहौल बन गया है.

स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप

बीमारी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी होने पर स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से पानी के नमूनों की जांच करवाई. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि महानगर पालिका द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य नहीं है. लैब रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह पानी किसी भी स्थिति में मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता.

रिपोर्ट सामने आने के बाद इलाके के लोग अब मजबूरी में महंगे दामों पर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और पानी के कैन खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है.

स्थानीय निवासियों को आशंका है कि शहर के कई हिस्सों में पेयजल पाइपलाइन और ड्रेनेज लाइनें एक-दूसरे के बेहद करीब बिछाई गई हैं. हाल ही में हुए किसी मरम्मत कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या टूटने से सीवेज का पानी पेयजल लाइन में मिल गया हो सकता है. लोगों ने मांग की है कि निगम के तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियर तत्काल मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन की जांच करें और रिसाव का पता लगाएं.

‘कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया’

वहीं, प्रभावित नागरिकों का आरोप है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को छोड़कर महानगर पालिका का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी इलाके का दौरा करने नहीं पहुंचा. लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी का बिल या टैक्स बकाया होने पर अधिकारी तुरंत कार्रवाई करते हैं, लेकिन सैकड़ों लोग बीमार पड़ने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया. नागरिकों ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है.

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