उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी. छात्रा ने नीट परीक्षा दी थी. परीक्षा रद्द होने की वजह से वह अवसाद में चल रही थी. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है. मूल रूप से बिहार के पटना निवासी रंजीत यादव रेलवे में टीटी के पद पर तैनात हैं. वह अपने परिवार के साथ रेलवे कॉलोनी, ऐशबाग में रहते हैं.
उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी शिवानी यादव (17) ने 12वीं पास की थी. इसके बाद उसने नीट की परीक्षा दी थी. उसका पेपर काफी अच्छा हुआ था, लेकिन परीक्षा रद्द होने की वजह से वह अवसाद में चल रही थी.
दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकती मिलीबुधवार सुबह शिवानी अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली. सुबह उसकी मां कमरे में बुलाने पहुंचीं. उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इस पर उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को आवाज लगाई. आवाज सुनकर परिवार के बाकी लोग पहुंचे. दरवाजा खोला गया तो शिवानी दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली.
बाजारखाला इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि शिवानी ने इंटरमीडिएट के बाद नीट के लिए आवेदन किया था. उसकी परीक्षा 21 जून को होनी थी. मंगलवार देर रात उसने अपने कमरे में यह कदम उठा लिया. रात करीब तीन बजे मां बीना ने बेटी को देखा. परिजन उसे रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
बिहार का परिवार, पिता रेलवे में टीटीशिवानी मूल रूप से पटना, बिहार की रहने वाली थी. उसके पिता रंजीत कुमार रेलवे में टीटी हैं और चारबाग स्टेशन पर तैनात हैं.
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद शिवानी के पिता के सहयोगियों ने बताया कि शिवानी ने हाल ही में हुई नीट परीक्षा में भाग लिया था. उसका पेपर अच्छा हुआ था, जिससे वह काफी उत्साहित थी. अचानक परीक्षा रद्द होने से वह अवसाद में थी. वहीं, परिजनों ने भी दबी जुबान में पढ़ाई के दबाव को इस घटना की एक वजह बताया, लेकिन इसके अलावा वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.