अमेरिका के साथ मिलकर खतरनाक तोप बनाएगी भारत की ये कंपनी, नई डिफेंस डील से शेयर बाजार में हलचल
TV9 Bharatvarsh June 19, 2026 12:43 PM

शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर की कंपनियों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है.देश की जानी-मानी ऑटो और इंजीनियरिंग कंपनी भारत फोर्ज (Bharat Forge) की डिफेंस इकाई कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड (KSSL) ने अमेरिका की दिग्गज कंपनी ‘एएम जनरल’ (AM General) के साथ एक बेहद अहम करार किया है. यह वही अमेरिकी कंपनी है जो वहां की सेना के लिए गाड़ियां और सैन्य वाहन बनाती है. अब ये दोनों कंपनियां मिलकर एक ऐसा मोबाइल आर्टिलरी गन सिस्टम (तोप) तैयार करेंगी, जिसे दुनिया के किसी भी कोने, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और खराब मौसम में भी आसानी से तैनात किया जा सकेगा.

पेरिस में हुआ अहम समझौता, अमेरिकी सेना तक पहुंचेगी भारतीय तकनीक

फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित हुए ‘यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो’ के दौरान इस ऐतिहासिक साझेदारी पर मुहर लगी है. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर की सेनाओं को 155mm का मोबाइल आर्टिलरी गन प्लेटफॉर्म मुहैया कराना है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि AM General ने अमेरिकी सेना के ‘मोबाइल टैक्टिकल कैनन’ (MTC) प्रोग्राम के लिए एक प्रस्ताव भी सौंप दिया है. इस प्रस्ताव के तहत भारत फोर्ज के MArG (माउंटेड आर्टिलरी गन) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके एक नया 155mm हथियार सिस्टम विकसित किया जाएगा. अगर अमेरिकी सेना इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे देती है, तो साल 2027 से इसकी डिलीवरी भी शुरू हो सकती है. यह भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.

40 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन का खात्मा, तोप की खूबियां बेमिसाल

अब बात करते हैं उस हथियार की जो इस पूरी डील के केंद्र में है. MArG प्लेटफॉर्म में 52-कैलिबर वाली 155mm की तोप का इस्तेमाल किया गया है. फायरिंग के दौरान लगने वाले तेज झटके (रिकॉइल) को कम करने के लिए इसमें बेहद आधुनिक तकनीक दी गई है. इसके अलावा, इसमें ऑटोमेटेड लोड-असिस्ट सिस्टम लगा है, जिससे गोले तेजी से लोड होते हैं, साथ ही हर मौसम में सटीक निशाना लगाने वाला फायर कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है. इस तोप की सबसे बड़ी खूबी इसकी मारक क्षमता है. यह 40 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तक भारी तबाही मचाने वाले हाई-एक्सप्लोसिव गोले दाग सकती है. यह अपने साथ 20 से ज्यादा गोले और उन्हें फायर करने वाला बारूद लेकर चल सकती है, जो युद्ध के मैदान में सेना को बार-बार रीलोड करने के झंझट से बचाता है.

दुनियाभर के बाजार पर कंपनी की नजर, दिग्गजों ने कही बड़ी बात

इस डील को लेकर दोनों ही कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है. भारत फोर्ज के वाइस चेयरमैन और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी का मानना है कि यह साझेदारी उनकी एडवांस्ड तकनीक पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाती है. कंपनी आधुनिक युद्ध की जरूरतों के हिसाब से ऐसे हथियार बनाने पर जोर दे रही है जो जंग के मैदान में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हों. वहीं, AM General के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन चैडबोर्न ने इस कदम को मित्र देशों की सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है. उनका कहना है कि कंपनी की पेटेंटेड ‘सॉफ्ट रिकॉइल’ तकनीक जब KSSL के प्लेटफॉर्म से मिलेगी, तो वह युद्ध के मैदान में सेनाओं को एक नई और अधिक प्रभावी क्षमता प्रदान करेगी. इन कंपनियों की नजर सिर्फ अमेरिकी बाजार पर नहीं है, बल्कि ये दुनियाभर में बढ़ रही मोबाइल आर्टिलरी सिस्टम की मांग को भुनाना चाहती हैं.

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने, शेयर के हाल पर एक नजर

बतौर निवेशक अगर आप इस खबर के असर को समझना चाहते हैं, तो भारत फोर्ज के शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालना जरूरी हो जाता है. 18 जून को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर मामूली 0.85 प्रतिशत की गिरावट लेकर 2,017.20 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों को इस स्टॉक ने शानदार रिटर्न दिया है. पिछले एक साल के आंकड़ों को देखें तो इस स्टॉक में 43.32 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई है, जबकि कुल रिटर्न के मामले में इसने निवेशकों की झोली में करीब 55 प्रतिशत का मुनाफा डाला है. वर्तमान में भारत फोर्ज का कुल मार्केट कैप 96.67 हजार करोड़ रुपये है.

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