3 लाख की रंगदारी, धमकी और फर्जी केस… 25000 का इनामी बरेली का बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा पत्नी संग गिरफ्तार
TV9 Bharatvarsh June 19, 2026 10:43 PM

Bareilly News: उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस को लंबे समय से फरार रहे 25 हजार रुपए के इनामी और बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा को आखिरकार गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई. इस कार्रवाई में उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और उसके करीबी साथी ओमवीर को भी पुलिस ने गिफ्तार कर लिया है. तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की परतें खोलने में जुट गई है और पुराने मामलों की भी दोबारा जांच शुरू कर दी गई है.

दरअसल, भमोरा थाना क्षेत्र में दर्ज हुए एक मामले के बाद पुलिस लगातार सुरकेश की तलाश कर रही थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. उस पर पहले से 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था.

फर्जी मुकदमे में फंसाने और रंगदारी मांगने का आरोप

मामले की शुरुआत तब हुई, जब चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा ने पुलिस को शिकायत दी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने मिलकर संगठित तरीके से उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. आरोप यह भी लगाया गया कि मुकदमे से राहत दिलाने के नाम पर उससे तीन लाख रुपए की मांग की गई.

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शिकायतकर्ता का आरोप था कि रुपए देने से इनकार करने पर उसके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने तक की धमकी दी गई. शिकायत मिलने के बाद भमोरा पुलिस ने सुरकेश शर्मा समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की. आज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सुरकेश अपने कुछ साथियों के साथ मौजूद है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और सदर नगर पुल के पास से सुरकेश, उसकी पत्नी कृतिका और साथी ओमवीर को पकड़ लिया.

पत्नी और साथी की भूमिका भी जांच के घेरे में

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सुरकेश पहले पुलिस विभाग में तैनात था, लेकिन गंभीर आरोप सामने आने के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।. इसके बाद वह पुलिस की पहुंच से दूर रहने की कोशिश करता रहा. बताते चलें बर्खास्त सिपाही आरोपी सुरकेश की हाल ही में हिस्ट्रीसीट भी खोली गई थी.

प्रारंभिक पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि फरारी के दौरान उसे पत्नी और उसके करीबी लोगों से सहयोग मिल रहा था. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को छिपाने या मदद पहुंचाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि आरोपी किसी और गतिविधि या मामले में भी शामिल था या नहीं.

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