केरल सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लगने वाले रोड टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया है. पहले राज्य में इलेक्ट्रिक कारों पर या तो बहुत कम टैक्स लगता था या कई मामलों में छूट भी मिलती थी, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक कार खरीदें. लेकिन अब सरकार ने नया सिस्टम लागू किया है. इसमें टैक्स सीधे गाड़ी की कीमत के आधार पर तय किया जाएगा. इस बदलाव का मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा बैलेंस बनाना और राज्य की आय बढ़ाना बताया जा रहा है.
नए नियमों के मुताबिक, अब सस्ती इलेक्ट्रिक कारों पर कम टैक्स लगेगा, जबकि महंगी और लग्जरी EV पर ज्यादा टैक्स देना होगा. यानी अगर कोई ग्राहक कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे राहत मिलेगी, लेकिन जैसे-जैसे कार की कीमत बढ़ेगी, टैक्स का प्रतिशत भी बढ़ता जाएगा. इस तरह सरकार ने EV टैक्स को एक जैसा रखने की बजाय स्लैब सिस्टम बदल दिया है.
अगर कोई इलेक्ट्रिक कार 20 लाख रुपये की है, तो उस पर 3 फीसदी रोड टैक्स के हिसाब से करीब 60,000 रुपये तक की बचत हो सकती है. वहीं इस कीमत रेंज से ऊपर आने वाली कारों में यह बचत और ज्यादा हो सकती है. यह लगभग 74,000 रुपये तक पहुंच सकती है. यह फायदा सिर्फ एक बार मिलता है, यानी गाड़ी रजिस्ट्रेशन के समय ही मिलता है.
इसके अलावा, 10 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर पहले 5 फीसदी रोड टैक्स लगता था, जिसे घटाकर अब 3 फीसदी कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अगर कोई 10 लाख रुपये की EV खरीदता है तो उसे करीब 20 हजार रुपये तक की बचत होगी.
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर यह होगा कि अब इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय ऑन-रोड कीमत पहले से ज्यादा साफ और अलग-अलग हो जाएगी. यानी सिर्फ गाड़ी की कीमत ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाला टैक्स भी उसकी कुल लागत में बड़ा फर्क डालेगा. पहले जहां कई EV पर टैक्स छूट या कम दर मिलती थी, अब वह फायदा केवल सस्ती गाड़ियों तक सीमित रहेगा.
सरकार का मानना है कि यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि इलेक्ट्रिक कारो की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसलिए अब ज्यादा महंगी गाड़ियों से ज्यादा टैक्स लेकर बैलेंस बनाने की कोशिश की जा रही है. इस नए नियम से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार सिर्फ EV बढ़ाने पर नहीं बल्कि समान टैक्स सिस्टम बनाने पर भी ध्यान दे रही है.
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